अमेरिका का ट्रंप प्रशासन पिछले सालों में जारी किए गए वीजा की जांच कर रहा है। वाइट हाउस का कहना है कि सरकार यह जानने की कोशिश कर रही है कि कहीं इन लोगों ने अपने टेम्पररी वीजा के आवेदन में गलत जानकारी तो नहीं दी थी।

वीजा को लेकर भारतीयों को झटका देने की तैयारी में अमेरिका, कहा- यह सुविधा, अधिकार नहीं
संयुक्त राज्य अमेरिका का ट्रंप प्रशासन चुपचाप हजारों की संख्या में भारतीयों को झटका देने की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार टेम्पररी वीजा लेकर देश में आए लोगों की जांच कर रही है। वह उन तमाम दस्तावेजों को खंगाल रही है, जिनके आधार पर वीजा दिया गया था। अधिकारियों के मुताबिक सरकार का उद्देश्य इस बात का पता लगाना है कि कहीं इन वीजा धारकों ने गलत आधार पर तो इस सुविधा का उपयोग नहीं किया है। सूत्रों के मुताबिक ट्रंप सरकार इस समय पर टूरिज्म, बिजनेस के करीब 2 लाख वीजा धारकों के दस्तावेजों की जांच कर रही है।
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप प्रशासन ने इस जांच में भारतीयों के निशाने पर होने की संभावना से इनकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि सरकार वीजा की जांच कर रही है। इसमें किसी को भी रियायत नहीं दी जाएगी। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा कि अमेरिकी वीजा कोई अधिकार नहीं है, बल्कि यह केवल एक सुविधा है।
अमेरिका में रह रहे भारतीयों को भी इसमें किया जा सकता है शामिल- वाइट हाउस
पिगॉट ने बताया कि सरकार इस बात को लेकर स्पष्ट है कि किसी भी परिस्थिति में टेम्पररी वीजा यह समझ कर दिया जाता है कि संबंधित व्यक्ति तय समय पर अपने देश लौट जाएगा। उन्होंने कहा, “लेकिन अगर कोई व्यक्ति अपने वीजा उद्देश्य को लेकर काउंसलर अधिकारी से झूठ बोलता है, तो उसे धोखाधड़ी माना जाएगा। इस आधार पर वीजा रद्द किया जा सकता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी विदेश विभाग और होमलैंड सिक्योरिटी विभाग एक साथ मिलकर ऐसे लोगों की जांच कर रहे हैं, जिनमें वीजा पर आने के बाद लोगों ने कुछ और समय तक रहने का प्रयास किया हो। इसमें शरण या नागरिकता की मांग शामिल है।
हालांकि, अमेरिकी सरकार द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि टेम्पररी वीजा आने के बाद शरण के लिए आवेदन देने वाला हर व्यक्ति अपराधी नहीं माना जाएगा। उन्होंने बताया कि इसमें समय और परिस्थितियों का भी ध्यान रखा जाएगा।
कितने भारतीय मूल के लोगों के ऊपर निगरानी?
अमेरिकी विदेश विभाग ने अभी इस मुद्दे पर कोई जानकारी साझा नहीं की है कि इसमें कितने लोगों पर निगरानी रखी जा रही है। अभी उन्होंने इसमें शामिल भारतीयों की संख्या के बारे में भी किसी प्रकार की कोई जानकारी नहीं दी है।
आपको बता दें, ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल में लगातार प्रवासियों पर ऐक्शन ले रहे हैं। दूसरे कार्यकाल के शुरुआती दौर में वह तमाम देशों में जहाजों से भर-भरकर अवैध प्रवासियों को भेजते हुए नजर आए थे। अमेरिका में इसको लेकर उनका काफी विरोध भी हुआ था। लेकिन इसके बाद भी ट्रंप अपने इस फैसले पर अड़े रहे थे। उनका प्रशासन लगातार इमिग्रेशन नियमों को सख्त कर रहा है। यह नया कदम उसी का विस्तार लगता है, जिसमें इस बात पर नए सिरे से ध्यान दिया जा रहा है कि क्या लोगों ने आवेदन करते समय अपने इरादों के बारे में सच बोला था।
अभी अमेरिकी वीजा रखने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए मुख्य बात साफ है। इसमें सबसे अहम है कि वीजा अनिश्चित काल तक रहने की गारंटी नहीं देता है। अगर स्टेट डिपार्टमेंट को लगता है कि किसी ने अपने इरादों के बारे में गलत जानकारी दी है, तो उनका वीजा रद्द किया जा सकता है, फिर चाहे वे देश में कितने भी समय से रह रहे हों।
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