शिक्षक दिवस पर उन शिक्षकों और संस्थाओं की कहानियां सामने आती हैं, जो शिक्षा के जरिये विद्यार्थियों की जिंदगी बदलने में जुटे हैं। पुनर्जागरण समिति की शुरुआत भी एक ऐसे ही प्रयास से हुई। वर्ष 2012 में कनॉट प्लेस स्थित शिवाजी स्टेडियम के पास बस का इंतजार करते समय बाबूलाल सिंह ने एक बच्चे को कूड़ेदान से खाना निकालकर खाते देखा।
इस दृश्य ने उन्हें झकझोर दिया। उन्होंने जरूरतमंद बच्चों के लिए काम करने का फैसला लिया। एक बच्चे को पढ़ाने से शुरू हुआ यह सफर आज छह राज्यों में 74 केंद्रों तक पहुंच चुका है, जहां करीब 6530 विद्यार्थी और लाभार्थी जुड़े हैं।
Source link
#शकषक #दवसजह #स #शर #हई #थ #जदग #क #जग #वह #स #नकल #कमयब #क #रह #कई #शकषक #बन #त #कई #अकउटट #Teachers #Day #Child #Garbage #Bin #Building #Brighter #Future



