संसद:प्रियंका ने उठाया जंतर-मंतर पर लाठीचार्ज का मुद्दा, कहा- पीएम मोदी कैमरे का नहीं, दिल का एंगल बदले – I Want To Ask Pm Modi, Hm Amit Shah, What Was Need To Lathi-charge Students, Use Pellet Gun: Priyanka Gandhi

संसद:प्रियंका ने उठाया जंतर-मंतर पर लाठीचार्ज का मुद्दा, कहा- पीएम मोदी कैमरे का नहीं, दिल का एंगल बदले – I Want To Ask Pm Modi, Hm Amit Shah, What Was Need To Lathi-charge Students, Use Pellet Gun: Priyanka Gandhi

लोकसभा में मंगलवार को पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने सरकार पर तीखा हमला बोला। संसद में प्रियंका गांधी ने कहा कि बच्चों पर लाठियां किसके आदेश पर चलाए गए, यह सवाल पूरा देश पूछ रहा है, अध्यापक, छात्र, माता-पिता पूछ रहे हैं सिर्फ कांग्रेस नहीं पूछ रही है। ये सदन सांसदों की जागीर नहीं है।

मंगलवार को संसद में प्रियंका गांधी ने अपने संबोधन की शुरुआत एक घटना से की । जब मैं एक घायल छात्रा से मिलने गए, तो उसकी मां बोली- सुबह से बड़े-बड़े नेता आए। वह भी आए जिनकी वजह से बेटी का यह हाल हुआ। मैं सरकार से पूछना चाहती हूं- क्या जरूरत थी, बच्ची पर ज्यादती करने की। देश के युवाओं पर पैलेट गन चलवाने की क्या जरूरत थी।

छात्रों के साथ आतंकवादियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है?- प्रियंका

प्रियंका गांधी वाड्रा ने छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने छात्रों पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया। प्रियंका गांधी ने पूछा कि छात्रों पर आंसू गैस के गोले क्यों छोड़े गए और लाठीचार्ज क्यों किया गया। क्या छात्रों के साथ आतंकवादियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है? उन्होंने युवा महिला प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर भी नाराजगी जताई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगा।

प्रियंका गांधी ने संसद में सरकार पर तीखा हमला करते हुए प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ कथित तौर पर पैलेट गन के इस्तेमाल पर जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि हम बार-बार सवाल कर रहे हैं कि इस कार्रवाई की अनुमति किसने दी और क्या यह आदेश प्रधानमंत्री या गृह मंत्री की ओर से आया था। प्रियंका गांधी ने कहा कि देश के छात्र, उनके माता-पिता और शिक्षक इस मामले में जवाब चाहते हैं। संवैधानिक मूल्यों और लोकतांत्रिक जवाबदेही का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि चुने हुए जनप्रतिनिधि जनता के सेवक होते हैं, शासक नहीं। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं ने शांतिपूर्ण तरीके से अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल किया। ऐसे में उन्हें न्याय, पारदर्शिता और सम्मान मिलना चाहिए।

भरोसा दोबारा बनाने के लिए उसी सिस्टम से जवाब नहीं ढूंढा जा सकता- प्रियंका

प्रियंका गांधी ने कहा, “इस सरकार ने रोजगार पैदा करने वाले सभी सेक्टरों को लगातार कमजोर किया है। पेपर लीक से करोड़ों छात्र प्रभावित हुए, लेकिन एक भी दोषी को सजा नहीं मिली। शिक्षण संस्थानों में संघ के प्रचारकों को भर-भरकर नियुक्त किया गया और संस्थाओं को खोखला बना दिया गया। एनटीए बनाकर परीक्षा प्रणाली का केंद्रीकरण कर दिया गया। हर साल शिक्षा बजट की हिस्सेदारी घटती चली गई। शिक्षा बजट उससे भी कम है, जितना पूंजीपतियों के लोन माफ किए गए हैं। सोचिए, सरकार की प्राथमिकता क्या है। उन्होंने आगे कहा, देश के युवाओं का भरोसा इस सिस्टम से टूट चुका है। भरोसा दोबारा बनाने के लिए उसी सिस्टम से जवाब नहीं ढूंढा जा सकता। इसके लिए सिस्टम के दायरे से बाहर निकलकर ठोस प्रयास करने पड़ते हैं।

प्रियंका गांधी ने कहा, प्रधानमंत्री और उनके साथी क्या सोच रहे हैं। शिक्षा मंत्री ने शर्मनाक परिस्थितियों में इस्तीफा दिया और संसद में उनका ऐसा स्वागत किया गया, जैसे कोई सुपरस्टार आया हो। कल जब उन्हें मुकुट पहनाया जा रहा था, उसी समय महाराष्ट्र का एक परिवार अपनी बेटी की आत्महत्या का मातम मना रहा था। जहां शर्म होनी चाहिए, वहां बेशर्मी से स्वागत किया जा रहा है। ऐसे में कोई आप पर कैसे यकीन करे। उन्होंने आगे आरोप लगाया, प्रधानमंत्री ने नए शिक्षा मंत्री के रूप में ऐसे व्यक्ति को चुना, जिन्होंने एक गर्भवती दुष्कर्म पीड़िता के दोषियों की रिहाई पर सहमति जताई थी।

इस टिप्पणी पर स्पीकर ने प्रियंका गांधी को टोका और सत्तापक्ष के सदस्यों ने जोरदार हंगामा किया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आपत्ति जताते हुए कहा, “प्रियंका गांधी ने हमारे नए शिक्षा मंत्री पर जो टिप्पणी की है, वह एक तरह से चरित्र हनन है। हम ऐसी भाषा की उम्मीद नहीं करते। इस टिप्पणी को रिकॉर्ड से हटाया जाए। संसद में बहस का स्तर नहीं गिराना चाहिए। जिम्मेदारी के साथ बोलना चाहिए। यदि वह अपने आरोप को प्रमाणित नहीं कर सकतीं, तो उन्हें माफी मांगनी चाहिए।

संसद:प्रियंका ने उठाया जंतर-मंतर पर लाठीचार्ज का मुद्दा, कहा- पीएम मोदी कैमरे का नहीं, दिल का एंगल बदले – I Want To Ask Pm Modi, Hm Amit Shah, What Was Need To Lathi-charge Students, Use Pellet Gun: Priyanka Gandhi


प्रियंका गांधी की टिप्पणी को लेकर ट्रेजरी बेंच का विरोध

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे और प्रह्लाद जोशी ने कहा, पहले बयान को ऑथेंटिकेट (प्रमाणित) किया जाए, उसके बाद ही आगे बढ़ा जाए।इस पर कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा, निशिकांत दुबे ने इसी सदन में जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी को लेकर भी टिप्पणियां की थीं, लेकिन उन्हें रिकॉर्ड से नहीं हटाया गया।

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा, मैं सदन में मौजूद हूं। मुझे कोई नोटिस नहीं दिया गया। मैं इस बयान का खंडन करता हूं। उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।इसके बाद प्रियंका गांधी ने अखबार की एक कटिंग सदन के पटल पर रखते हुए कहा, क्या जोशी जी अपने इस बयान का खंडन कर रहे हैं? क्या आप इसका खंडन कर रहे हैं? इस दौरान स्पीकर ने हस्तक्षेप करते हुए कहा, सदन में केवल इस विधेयक (बिल) पर ही चर्चा होगी।

प्रियंका गांधी ने कहा, आज हम इस सदन में ऐसे संशोधन पर चर्चा कर रहे हैं, जो 2024 में ही पारित हो चुका है। जब से यह कानून लागू हुआ है, तब से एक भी आरोपी को सजा नहीं मिली है।

उन्होंने कहा, पिछले दो दिनों से छात्रों के नाम सार्वजनिक किए जा रहे हैं, लेकिन पेपर लीक के आरोपियों के साथ ऐसा नहीं किया जा रहा।

प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, प्रधानमंत्री को अपने सलाहकार बदलने चाहिए। नई-नई समितियां बनाने से काम नहीं चलेगा। पहले भी राधाकृष्णन समिति बनाई गई थी। उस समिति में तो गौमूत्र के विशेषज्ञ भी हैं। उन्हें शिक्षा के बारे में क्या पता। इस टिप्पणी पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी मुस्करा पड़े।

‘प्रधानमंत्री को कैमरे का नहीं, दिल का एंगल बदलना पड़ेगा’

उन्होंने आगे कहा, फास्ट ट्रैक कोर्ट का रिकॉर्ड भी देख लीजिए। कल की सुनवाई में सीबीआई का वकील ही पेश नहीं हुआ। जेनजी का भरोसा जीतने के लिए नए-नए एंगल के वीडियो बनाने से काम नहीं चलेगा। प्रधानमंत्री को कैमरे का नहीं, दिल का एंगल बदलना पड़ेगा। उन्हें अपनी जिम्मेदारी लेनी होगी।

प्रियंका गांधी ने कहा, “पुलिस की लाठी बच्चों की पीठ पर नहीं, सरकार की साख पर पड़ी है। अपनी साख बचाइए। आपके शासन में बड़ी-बड़ी चोरियां हुई हैं। चुनाव में वोट की चोरी, राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी, किसानों की जमीन की चोरी। लेकिन सबसे बड़ी चोरी तब हुई, जब देश के नौजवानों का भविष्य और उनके सपने चुरा लिए गए।उन्होंने कहा, “अगर देश का युवा निराश हो गया और उसकी उम्मीद टूट गई, तो वह भारत की हार होगी। भारत की हार होगी तो हम विपक्ष के लोग जान भी दे देंगे।

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