सीबीआई का शिकंजा:500 करोड़ के रक्षा सौदे की गोपनीय जानकारी लीक करने का आरोप, तीन गिरफ्तार; 2.23 करोड़ बरामद – Cbi Arrested 3 Person Over Alleged Defence Deal Leak Bribery, ₹2.23 Crore Cash Seized
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सीबीआई – फोटो : अमर उजाला
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रक्षा मंत्रालय की कंपनी म्यूनिशंस इंडिया लि. (एमआईएल) के कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार को सीबीआई ने रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार किया है। उनके साथ निजी कंपनी एसएमपीपी लि. के सीईओ एवं निदेशक आशीष कंसल और अनिल के भाई बी. हर्षवर्धन को भी गिरफ्तार किया गया है। अनिल पर 500 करोड़ रुपये के रक्षा आपूर्ति सौदे से जुड़ी संवेदनशील और गोपनीय जानकारी लीक करने तथा रिश्वत लेने का आरोप है।
सीबीआई ने आरोपियों के विभिन्न ठिकानों पर छापे के दौरान करीब 2.23 करोड़ रुपये नकद और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए। आरोप है कि पुणे स्थित म्यूनिशंस इंडिया लि. में कार्यकारी निदेशक अनिल कुछ निजी ठेकेदारों के साथ मिलीभगत कर सरकारी कामकाज में अनुकूल फैसले और सुविधाएं देने के बदले रिश्वत मांगने में शामिल थे। साथ ही उन्होंने कंपनी की रक्षा उत्पादन, खरीद व अन्य रणनीतिक रूप से संवेदनशील जानकारियां भी लीक कीं। सीबीआई के मुताबिक, 12 अक्तूबर को मामला दर्ज कर तीनों आरोपियों को अगले दिन गिरफ्तार किया गया।
कारतूस, गोला-बारूद बनाती है म्यूनिशंस इंडिया
सीबीआई ने अनिल कुमार के पुणे स्थित परिसरों की तलाशी में 1.73 करोड़ रुपये बरामद किए। इसके अलावा मैसूर, बंगलूरू और दिल्ली में आरोपियों के परिसरों से करीब 50 लाख रुपये और कुछ दस्तावेज बरामद किए गए।
म्यूनिशंस इंडिया लि. का मुख्यालय पुणे के खड़की क्षेत्र में है। यह छोटे हथियारों के कारतूस, तोपों के लिए गोला-बारूद और अन्य सैन्य उपयोग की सामग्री बनाती है।
कंसल की कंपनी एसएमपीपी लि. सेना के लिए बुलेटप्रूफ जैकेट की आपूर्ति कर चुकी है। वह गोला-बारूद व कमिकाजे ड्रोन जैसे उपकरणों के निर्माण से भी जुड़ी है।