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तेजी से बदलती जीवनशैली के बीच दुनिया की कुछ चर्चित किताबों ने बढ़ती उम्र को देखने का नजरिया बदला है। इनमें वैज्ञानिक शोध, डॉक्टरों का अनुभव और खुशहाल जीवनशैली का ऐसा निचोड़ है, जो बुजुर्गों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकता है। ऐसी ही दुनिया की 5 बेस्ट सेलर बुक्स से खुशहाल जीवन के 5 सूत्र पढ़िए। 1. आउटलिव – द साइंस एंड आर्ट ऑफ लॉन्गेविटी यह किताब बताती है कि लंबी उम्र का मतलब सिर्फ ज्यादा साल जीना नहीं, बल्कि उन वर्षों को स्वस्थ और आत्मनिर्भर बनाना है। लेखक डॉ. पीटर एटिया कहते हैं कि बढ़ती उम्र की सबसे बड़ी चुनौती शुगर, डिमेंशिया, हार्ट जैसी बीमारियां हैं। इनसे बचाव समय रहते जीवनशैली बदलने से संभव है। बुजुर्गों के लिए सूत्र – बीमारी का इंतजार मत कीजिए, पहले से बचाव शुरू कीजिए। जैसे – हर साल हार्ट, शुगर, आंख और बीपी की नियमित जांच कराइए। 2. फ्रॉम स्ट्रेंथ टू स्ट्रेंथ – फाइंडिंग हैप्पीनेस यह किताब बताती है कि रिटायरमेंट जीवन का अंत नहीं, बल्कि नई भूमिका की शुरुआत है। लेखक आर्थर सी. ब्रूक्स कहते हैं कि उम्र बढ़ने के साथ पद और उपलब्धियों से ज्यादा रिश्ते, अनुभव और समाज को दिया गया योगदान मायने रखता है। यही खुशहाल बुढ़ापे की ताकत बनता है। बुजुर्गों के लिए सूत्र – रिटायरमेंट के बाद भी उद्देश्य बनाए रखिए। जैसे – रोजाना कुछ बच्चों को पढ़ाइए, बागवानी कीजिए या किसी सामाजिक संस्था से जुड़ जाइए। 3. द ब्लू जोन्स – लेसन्स फॉर लिविंग लॉन्गर यह किताब दुनिया के सबसे स्वस्थ और लंबे जीवन जीने वाले लोगों की आदतों पर आधारित है। लेखक डैन ब्यूटनर बताते हैं कि लंबी उम्र किसी चमत्कार से नहीं, बल्कि रोज की अच्छी आदतों से मिलती है। सक्रिय दिनचर्या, मजबूत सामाजिक रिश्ते व सादा भोजन स्वस्थ बुढ़ापे का आधार हैं। बुजुर्गों के लिए सूत्र – रोजाना शरीर और रिश्तों को सक्रिय रखिए। जैसे- 30 मिनट पैदल चलिए या हल्की एक्सरसाइज कीजिए और रोजाना किसी दोस्त या परिजन से बात कीजिए। 4. इकिगाई – सीक्रेट टू अ लॉन्ग एंड हैप्पी लाइफ यह किताब बताती है कि हर व्यक्ति के जीवन का एक उद्देश्य होता है और वही उसे हर सुबह नई ऊर्जा देता है। लेखक हेक्टर गार्सिया और फ्रांसेस्क मिरालेस कहते हैं कि खुशहाल बुजुर्ग वही हैं, जो रिटायरमेंट के बाद भी किसी काम, शौक या सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़े रहते हैं। बुजुर्गों के लिए सूत्र – हर सुबह उठने का एक कारण तय कीजिए, क्योंकि खुशहाल बुढ़ापा सकारात्मक दिनचर्या से बनता है। जैसे- संगीत सीखें, पौधे लगाएं या नई किताब पढ़ें। 5. द बुक ऑफ जॉय – लास्टिंग हैप्पीनेस यह किताब बताती है कि बढ़ती उम्र में मानसिक शांति सबसे बड़ी ताकत है। लेखक दलाई लामा, डेसमंड टूटू और डगलस अब्राम्स कहते हैं कि खुशी धन से नहीं, बल्कि कृतज्ञता, करुणा, क्षमा और अच्छे रिश्तों से मिलती है। सकारात्मक सोच जीवन को अधिक संतुलित बनाती है। बुजुर्गों के लिए सूत्र – हर दिन खुश रहने का एक कारण खोजिए। जैसे- रात को सोने से पहले दिन की एक अच्छी बात के लिए ईश्वर का धन्यवाद दीजिए। कहां मिलेंगी – अमेजन इंडिया, फ्लिपकार्ट, क्रॉसवर्ड बुक स्टोर, किंडल पर उपलब्ध। पेपरबैक संस्करण की कीमत 250 से ₹900 रु. है। अंग्रेजी के अलावा कुछ किताबों के हिंदी संस्करण भी हैं। पढ़ने का साइंस वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि नियमित पढ़ने से दिमाग के कई हिस्से एक साथ सक्रिय होते हैं। इससे याददाश्त, एकाग्रता, भाषा समझने की क्षमता और निर्णय लेने की शक्ति बेहतर बनी रह सकती है। कई अध्ययनों में पाया गया है कि पढ़ने-लिखने से ‘कॉग्निटिव रिजर्व’ बढ़ाने में मदद मिलती है, इसलिए रोजाना 20-30 मिनट पढ़ना दिमाग के लिए नियमित व्यायाम जैसा है।
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