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मुरैना जिले में मानसून अब भी रफ्तार नहीं पकड़ पाया है। 10 जुलाई तक जिले में केवल 126.1 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 230.8 मिमी कम है। लगातार कम बारिश से किसानों की चिंता बढ़ गई है और अब सभी की नजरें अच्छी वर्षा पर टिकी हैं। 10 जुलाई को सिर्फ 1.3 मिमी औसत बारिश भू-अभिलेख एवं भू-संसाधन प्रबंधन विभाग के अनुसार 10 जुलाई को जिले में औसतन मात्र 1.3 मिमी बारिश दर्ज की गई। जबकि 1 जून से 10 जुलाई तक कुल 126.1 मिमी औसत वर्षा रिकॉर्ड हुई है। जिले की सामान्य औसत वर्षा 706.9 मिमी मानी जाती है। पिछले साल की तुलना में काफी कम बारिश आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष 10 जुलाई तक जिले में 356.9 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई थी, जबकि इस वर्ष यह आंकड़ा सिर्फ 126.1 मिमी रहा। यानी इस बार अब तक 230.8 मिमी कम बारिश हुई है। वहीं 10 जुलाई 2025 को अकेले 6.5 मिमी औसत वर्षा रिकॉर्ड की गई थी। जौरा में सबसे अधिक 6 मिमी बारिश 10 जुलाई को जिले के सभी वर्षामापी केंद्रों में जौरा में सबसे अधिक 6 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा मुरैना में 2 मिमी बारिश हुई, जबकि पोरसा, अंबाह, कैलारस और सबलगढ़ में बारिश नहीं हुई। तहसीलवार वर्षा का आंकड़ा 1 जून से 10 जुलाई तक सबसे अधिक 220 मिमी वर्षा जौरा में दर्ज की गई। इसके बाद कैलारस में 156 मिमी, अंबाह में 152.5 मिमी, मुरैना में 83.4 मिमी, सबलगढ़ में 81 मिमी और पोरसा में सबसे कम 64 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। किसानों की नजरें अच्छी बारिश पर मानसून की धीमी रफ्तार के कारण खरीफ फसलों की बुवाई और कृषि कार्य प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। किसान अब आने वाले दिनों में अच्छी बारिश की उम्मीद लगाए बैठे हैं, ताकि फसलों को पर्याप्त नमी मिल सके और खेती का काम गति पकड़ सके।
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