Indore News: 3 साल का सूखा खत्म, त्योहारी सीजन में बाजारों में होगी रिकॉर्ड तोड़ खरीदारी

Indore News: 3 साल का सूखा खत्म, त्योहारी सीजन में बाजारों में होगी रिकॉर्ड तोड़ खरीदारी

मध्यभारत के सबसे प्रमुख व्यापारिक केंद्र इंदौर में पिछले 3 साल से जारी व्यापारिक सुस्ती के बाद इस बार त्योहारी सीजन में बंपर कारोबार की उम्मीद जताई जा रही है। इंदौर से मध्यप्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर में सोने-चांदी के आभूषण, कपड़े, बर्तन और राखियों का विशाल व्यापार संचालित होता है। व्यापारियों के अनुसार सरकारी नीतियों, आयात-निर्यात में मिले लाभ, उत्पादन इकाइयों को मिली सुविधाओं और बेहतर ट्रांसपोर्टेशन कनेक्टिविटी के कारण इंदौर का माल अब देशभर में किफायती दरों पर समय पर पहुंच रहा है।

यह भी पढ़ें…

Indore: इंजीनियरिंग के छात्रों से मिले यशवंतराव होल्कर, अहिल्याबाई के समय हुए नवाचारों के रोचक किस्से सुनाए

सराफा बाजार में रिकवरी की उम्मीद

इंदौर सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष हुकुम सोनी के अनुसार युद्ध के हालातों की वजह से प्रदेश के सराफा बाजार पर संकट गहरा गया था। जुलाई महीने तक बाजार में ग्राहकी में 30% तक की गिरावट दर्ज की गई थी। हर साल लगभग 60 से 70 करोड़ रुपये का व्यापार करने वाला इंदौर का सराफा बाजार अब बारिश के बाद आने वाले गणेश चतुर्थी, रक्षाबंधन, नवरात्रि, धनतेरस और दीपावली जैसे त्योहारों से रिकवरी की उम्मीद कर रहा है। जिन निवेशकों ने ऊंचे दामों पर सोना और चांदी खरीद रखा है, वे भी कीमतें बढ़ने पर अपना स्टॉक बाजार में निकालने का इंतजार कर रहे हैं।

कपड़ा उद्योग में सकारात्मकता का माहौल

इंदौर रिटेल गारमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष अक्षय जैन ने बताया कि शहर में 22,000 से अधिक प्रोडक्शन यूनिट्स और 20,000 से अधिक रिटेलर्स कार्यरत हैं। इंदौर के कपड़ा कारोबार से लाखों परिवारों की रोजी-रोटी जुड़ी हुई है। पिछले 3 साल से बाजार में सकारात्मकता की कमी थी, लेकिन इस वर्ष राखी के पर्व से ही बाजार में उत्साह दिखने लगा है। व्यापारियों को उम्मीद है कि दीपावली तक यह तेजी बनी रहेगी, जिससे छोटे कारीगरों से लेकर बड़े व्यापारियों तक में भारी उत्साह है।

बर्तन बाजार का आसपास के जिलों में विस्तार

इंदौर के बर्तन कारोबारी राजेश मेहता के अनुसार इंदौर के जरिए आसपास के जिलों में भी व्यापार के प्रमुख केंद्र विकसित हो रहे हैं। व्यापारी यहां से सामान खरीदकर रतलाम, खंडवा, धार और उज्जैन जैसे शहरों तक ले जाते हैं, जहां से यह माल ग्रामीण इलाकों तक पहुंचता है। बर्तन दैनिक जरूरत की वस्तु होने के कारण इस व्यापार में हमेशा मांग बनी रहती है। अगस्त के महीने से ही बाजार में तेजी का दौर शुरू हो चुका है जो त्योहारी सीजन में और अधिक गति पकड़ेगा।

Source link
#Indore #News #सल #क #सख #खतम #तयहर #सजन #म #बजर #म #हग #रकरड #तड #खरदर

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *