विभाग ने इन भवनों को तत्काल ध्वस्त कराने की अनुशंसा करते हुए नगर पालिका को विस्तृत प्रतिवेदन भेज दिया है। कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग संभाग सीध…और पढ़ें

HighLights
- बारिश के कारण जर्जर भवनों के गिरने का खतरा और बढ़ गया
- अत्यंत क्षतिग्रस्त अवस्था में हैं, जिनमें रहना जान के लिए खतरा है
- चिन्हित भवन अत्यंत क्षतिग्रस्त एवं जर्जर अवस्था में हैं
नईदुनिया प्रतिनिधि सीधी। शहर में जर्जर भवनों का खतरा गंभीर रूप लेता जा रहा है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने नगर पालिका परिषद क्षेत्र के 9 अत्यंत जर्जर और खतरनाक भवनों को चिन्हित करते हुए स्पष्ट कहा है कि ये भवन अब मानव निवास के योग्य नहीं है और किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
दो भवन गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त पाए गए हैं
निरीक्षण में पाया गया कि चिन्हित भवन अत्यंत क्षतिग्रस्त एवं जर्जर अवस्था में हैं, जिनमें रहना लोगों की जान के लिए खतरा बन चुका है। रिपोर्ट के अनुसार पुलिस लाइन के पास पुलिस कॉलोनी के तीन भवन, हरिजन बस्ती वार्ड क्रमांक -4 में दो मकान, नूतन कॉलोनी के दो भवन, 20 आजाद नगर वार्ड -14 का एक भवन तथा सराफा बाजार एवं सर्वोदय 20 चौक वार्ड -19 के दो भवन गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त पाए गए हैं।
खाली कराकर ध्वस्त नहीं कराया तो जनहानि हो सकती है
विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन भवनों का पत्र में कहा गया है कि वर्तमान मानसून के दौरान लगातार बारिश के कारण जर्जर भवनों के गिरने का खतरा और बढ़ गया है। यदि समय रहते इन्हें खाली कराकर ध्वस्त नहीं कराया गया तो जनहानि से इनकार नहीं किया जा सकता।
मामले में त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित हो
इसी कारण पीडब्ल्यूडी ने नगर पालिका को शीघ्र कार्रवाई करते हुए ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू करने की अनुशंसा की है। विभाग ने इस प्रतिवेदन की प्रतिलिपि नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आयुक्त, कलेक्टर सीधी तथा लोक निर्माण विभाग के अनुविभागीय अधिकारी को भी भेजी है. जिससे मामले में त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
ध्वस्त नहीं कराया तो हो सकती है जनहानि
नगर पालिका परिषद सीधी द्वारा बारिश पूर्व ही शहर के जर्जर भवनों का वार्डवार सर्वे कराया गया था, सर्वे के बाद चिन्हित किये गए जर्जर भवनों को विभाग ने नगर पालिका के साथ पुनः सर्वे कर सत्यापन में पाया कि ये भवन सत्यापन के लिए लोक निर्माण विभाग को भेजा गया था। लोक निर्माण अत्यंत जर्जर स्थिति में हैं, और इन्हें डिस्मेंटल कराया जाना आवश्यक है। निर्माण कई वर्ष पूर्व हुआ था और अब इनकी स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि किसी भी समय इनके ढहने की आशंका बनी हुई है।
उपयोग में नहीं होने पर भी खतरा..
विभागीय अधिकारियों के अनुसार चिन्हित भवन यदि उपयोग में नहीं लिये जा रहे हैं, फिर भी उनसे खतरा बना रहेगा। क्योंकि बारिश के मौसम में कई बार राहगीर भी बारिश से बचने ऐसे भवनों में चले जाते हैं, इस दौरान भी धराशाई होने का खतरा बना रहता है।
इन क्षेत्रों के भवन घोषित हुए खतरनाक
- पुलिस लाइन के पास पुलिस कॉलोनी (3 भवन)
- हरिजन बस्ती, वार्ड क्रमांक -4 (2 भवन)
- नूतन कॉलोनी, वार्ड क्रमांक -4 (2 भवन)
- आजाद नगर, वार्ड क्रमांक -14 (1 भवन)
- सराफा बाजार एवं सर्वोदय चौक, वार्ड क्रमांक -19 (2 भवन)
शहर के नौ भवन अत्यंत जर्जर स्थिति में बताए गए हैं, इनके तत्काल ध्वस्तीकरण की अनुशंसा की गई है। संबंधित भवन स्वामियों को ध्वस्तीकरण के लिए नोटिस जारी की जाएगी। यदि उनके द्वारा ध्वस्त नहीं कराया जाता तो नगर पालिका की ओर से आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
रामप्रकाश जायसवाल, उपयंत्री नपा सीधी
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