इंदौर के गांधी भवन में रुका जीर्णोद्धार का कार्य, सहयोग देने का वादा भूले कांग्रेस के नेता

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : विपक्षी दल के आठ दशक से ज्यादा पुराने दफ्तर गांधी भवन की कायापलट की मुहीम ठंडी पड़ती दिख रही है। बार-बार हुई घोषणाओं के बाद दो महीने पहले कांग्रेस नेताओं ने दफ्तर के सुंदरीकरण का काम शुरू किया था। बीते दिनों से काम रुका हुआ है।

कांग्रेसी कार्यकर्ता कह रहे हैं कि वरिष्ठ नेताओं ने काम में आर्थिक सहयोग का वादा तो किया था लेकिन मदद देने आगे नहीं आए। पूर्व विधायकों से लेकर मंत्री तक ने किसी तरह का सहयोग नहीं दिया। हालांकि कांग्रेस अध्यक्ष कह रहे हैं कि किसी कारण से काम रुका था जो फिर शुरू होगा।

आजादी के भी पहले 1942 में उस दौर के कांग्रेसी नेताओं ने जनसहयोग से ही गांधी भवन की नींव रखी और निर्माण किया था। एक ट्रस्ट बनाया गया और फिर इसमें आज तक इंदौर केे शहर और जिला कांग्रेस का दफ्तर भी चल रहा है।

कांग्रेस दशकों तक प्रदेश और केंद्र में सत्ता में रही लेकिन ट्रस्ट के इस भवन में ही कांग्रेस का दफ्तर चलता रहा। इस बीच गांधी भवन के हाल खराब हो गए।बीते वर्षों में कई बार बिजली का बिल चुकता नहीं करने से गांधी भवन सुर्खियों में आया। तीन साल पहले दफ्तर के कुछ कर्मचारियों ने वेतन नहीं मिलने की शिकायत भी की।

हालांकि 2024 से कांग्रेसी आगे आए और गांधी भवन के हाल सुधारने की बात की। दो साल पहले पूर्व मंत्री सज्जनसिंह वर्मा और तब नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने गांधी हाल के जीर्णोद्दार की फिर से घोषणा की। तब दो-दो लाख रुपये देने का ऐलान भी हुआ। इस बीच शहर कांग्रेस अध्यक्ष भी बदल गए।

चौकसे खुद शहर अध्यक्ष बने तो इस साल फिर ऐलान हुआ कि गांधी भवन का जीर्णोद्दार होगा। कांग्रेस के नेता इसमें आर्थिक सहयोग देंगे। मौके पर किसी नेता एयर कंडीशनर दान करने की तो किसी ने जीर्णोद्वार के लिए आर्थिक सहयोग की घोषणा भी की।

गैलरी तक आते काम रुका, पुराने नेताओं के कब्जे

इसके बाद गांधी भवन में कायाकल्प का काम शुरू हुआ। विपक्ष में रही कांग्रेस ने पुराने सुविधाघर (टायलेट) को वास्तु के विपरीत मानते हुए टूटवा दिया।नये टायलेट बन गए। कम्प्यूटर रूम भी बनाया गया लेकिन दूसरी मंजिल पर बने बैठक हाल को एयरकंडीशनर करने का काम नहीं हो सका।

कांग्रेस कार्यालय से जुड़े सूत्र बता रहे हैं कि जिस नेता ने एयरकंडीशनर देने का वादा किया था वो फोन नहीं उठा रहे। गैलरी और बाहरी ढांचे के सुंदरीकरण का काम बीते समय से रुका हुआ है। कार्यकर्ता सवाल उठा रहे हैं कि विधायक, मंत्री और तमाम मलाईदार पदों पर रहे कांग्रेसी भी काम पूरा करवाने के लिए आगे नहीं आए।

इस बीच गांधी भवन के दो कमरों पर पुराने कांग्रेसियों का कब्जा भी नहीं हटा। पहले पदों पर रहे नेता दफ्तर के कमरों पर अपना ताला लगाकर गए वो आज भी लगा हुआ है। ऐसे में वर्तमान संगठन पदाधिकारी पशोपेश में है इन तालों को वे तोड़े या नहीं।

फिर शुरू हो रहा है काम

नए टायलेट-कम्प्यूटर कक्ष बनवा दिए गए हैं। किसी कारण से काम रोका गया था। गैलरी में रैलिंग गलत लगा दी गई थी तो उसे निकलवा दिया गया। प्लास्टर सूखे इसलिए समय दे दिया गया था। नेताओं ने सहयोग से मना नहीं किया अभी हमनें किसी से बोला ही नहीं है। एक-दो दिन में काम फिर से शुरू होगा। ये संगठन का दफ्तर है ऐसे में जिन नेताओं ने कमरों पर ताले लगा रहे हैं उन्हें खुद सोचना चाहिए। – चिंटू चौकसे, शहर कांग्रेस अध्यक्ष

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