अंबाला एसपी का दावा है कि प्रदर्शनकारियों ने जाम में फंसे एक गैस टैंकर (लाल घेरे में) पर कब्जा कर लिया था, जिसे छुड़वाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागने पड़े।
हरियाणा के अंबाला में हुए बवाल को पुलिस ने बड़ी साजिश बताया है। पुलिस ने कुछ फोटो जारी किए, जिनमें कई सिख युवक फरसे-भाले व अन्य हथियार लिए दिखे। अंबाला SP अजीत सिंह शेखावत ने कहा कि अंधेरा होते ही भीड़ ने अटैक किया। गैस टैंकर से बड़ी शरारत की साजिश थ
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हमारे एक DSP के ऊपर फरसे से अटैक हुआ, जिससे उनका हाथ का अंगूठा कटने के कगार पर है।

DGP अजय सिंघल ने भी इसी दावे को आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा-कुछ शरारती तत्वों ने मामला सुलझने नहीं दिया। गुरसिमरन सिंह मंड पर FIR की मांग मान भी ली गई थी, लेकिन पुलिस पर पथराव कर दिया, जिसके बाद लाठीचार्ज करना पड़ा।
गुरुवार को 11 घंटे चले बवाल के बीच अंबाला DSP वीरेंद्र के हाथ का अंगूठा धारदार हथियार लगने से कट गया, जबकि कई कर्मियों को कैंट सिविल और मिलिट्री अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। सात पुलिसकर्मियों की हालत नाजुक देखते हुए आईसीयू में रखा गया है। इस दौरान प्रदर्शनकारियों को भी चोटें आई हैं, हालांकि उनकी सही संख्या सामने नहीं आई है।
उधर, इस मामले में हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य गुरतेज सिंह ने कहा कि पंजोखरा साहिब विवाद को लेकर जल्द सिख जत्थेबंदियों की बैठक बुलाई जाएगी। इसे अकाल तख्त के सामने लेकर जाएंगे। पुलिस ने शुरुआत से ही एकतरफा कार्रवाई की है।
पुलिस की ओर से जारी PHOTOS

पुलिस की ओर से फोटो जारी किए गए है, जिनमें कुछ प्रदर्शनकारी हथियारों से लैस है।

प्रदर्शनकारियों के हमले में घायल पुलिसकर्मी।

प्रदर्शनकारियों के हमले में डीसीपी वीरेंद्र का अंगूठा कट गया, जिसे जोड़ने के लिए डॉक्टरों को कई टांके लगाने पड़े।
एसपी ने 4 बड़े दावे….पूरे बवाल को साजिश क्यों बताया
- हाईवे क्लियर कराने की कोशिश की तो अटैक हुआ : एसपी अजीत सिंह शेखावत ने बताया-इनसे मल्टीपल राउंड्स बातें हुईं। हमने बार-बार जाम खुलवाने का आग्रह किया। परंतु इन्होंने समाधान नहीं निकलने दिया। जानबूझकर लंबा मोर्चा लगाने की बातें कहीं। हमने कुछ फोर्स यूज करके हाईवे को क्लियर कराने की कोशिश की।
- शरारती तत्व भाले-फरसे लेकर भीड़ में शामिल हुए : एसपी ने दावा किया-कुछ शरारती तत्व जो कि भाले, फरसे, तलवारों, कुल्हाड़ियों के साथ में क्राउड में थे। जैसे ही अंधेरा होने लगा, उन्होंने पुलिसकर्मियों पर अटैक करना स्टार्ट कर दिया। कुछ ने ट्रकों की चाबियां छीन लीं ताकि यह जाम क्लियर न हो। इनका रात भर उत्पात मचाने का इरादा था।
- गैस टैंकर से बड़ी शरारत करने का इरादा था : एसपी ने कहा-इन्होंने सबसे बड़ी शरारत करना स्टार्ट की। एक गैस टैंकर जाम में फंस गया था, तो उसके ड्राइवर से चाबी छीन ली। इसके साथ उनका शरारत करने का इरादा बार-बार दिख रहा था। हमने इनको बहुत बार आग्रह किया है कि इस गैस टैंकर को यहां से निकलने दिया जाए ताकि कोई हादसा न हो जाए। कुछ शरारती तत्व ने ड्राइवर से चाबी छीन कर भाग गए।
- DSP पर जानलेवा हमला किया : एसपी ने दावा किया कि मामला भड़काने के लिए DSP पर जानलेवा हमला किया। मुलाजिमों पर भी अटैक किया। प्रारंभिक तौर पर 5-6 कर्मियों को गंभीर चोटें आई हैं। 2-3 को हेड इंजरी है। लॉ एंड ऑर्डर सिचुएशन को डील करेंगे। पहचान करके आरोपियों को केस जरूर दर्ज होगा।

अब समझिये…7 दिन से कैसे पूरा विवाद चल रहा
7 अगस्तः इंटरनेशनल एंटी खालिस्तान टेरेरिस्ट फ्रंट के अध्यक्ष गुरसिमरन सिंह मंड Y+ सिक्योरिटी के साथ अंबाला के पंजोखरा साहिब गुरुद्वारे में आए। आरोप है कि मंड की गाड़ी से कुछ लोगों को चोट लगी। जिसके बाद निहंगों व भीड़ ने मंड को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। इनोवा गाड़ी तोड़ दी।
9 अगस्तः मंड पर हमला करने को दो आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में लिया। सिख जत्थेबंदियों का आरोप है कि पुलिस ने उनकी शिकायत पर कार्रवाई की। इसे लेकर पंजोखरा थाने को घेर लिया और तुरंत रिहाई की मांग की। 13 अगस्तः गुरुवार को गिरफ्तार आरोपियों की रिहाई के लिए पंजोखरा साहिब गुरुद्वारे में बैठक हुई। इसके बाद सिख जत्थेबंदियां जीटी रोड जाम लगाने पहुंच गई। देर शाम पुलिस ने प्रदर्शनकारियों की मांग पर पुलिस ने गुरसिमरन सिंह मंड और उनके बेटे भवजोत सिंह के खिलाफ पंजोखरा थाने में धारा 281, 125 (ए), 109 (1) और 61 के तहत दर्ज कर लिया है।
13 अगस्त: गुरुद्वारा साहिब में सेवा देने आए घायल सुरेंद्र सिंह की शिकायत पर यह केस दर्ज किया गया। मगर, प्रदर्शनकारी दोनों हमलावरों की तुरंत रिहाई पर अड़ गए। पुलिस ने समझाने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी लंबे धरना-प्रदर्शन की तैयारी में जुट गए। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों में टकराव हो गया।
PHOTOS में देखिए पिछले सात दिन में अंबाला क्या हुआ….

गुरसिमरन सिंह मंड की सात अगस्त को अंबाला में बुरी तरह पिटाई हुई थी। इस मामले में पुलिस ने मंडी की शिकायत पर दो हमलावरों को अरेस्ट किया था।

हमलावरों की रिहाई की मांग को लेकर अंबाला-नारायणगढ़ रोड नेशनल हाइवे-7 पर सिखों-किसानों ने गुरुवार को प्रदर्शन कर जाम लगाया।

इसके बाद भीड़ दिल्ली-अमृतसर हाईवे पर जाने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े, जो सामने खड़ी भीड़ के ऊपर जाकर फटे।

आंसू गैस के गोले से बचने के लिए भीड़ भागती नजर आई। इस दौरान बड़ी संख्या में वाहनों की कतारें भी लग गई।

रात को नौ बजे पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाया। मगर, वे हमलावरों की रिहाई की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद पुलिस ने लाठी चार्ज कर प्रदर्शनकारियों को वहां से खदेड़ दिया।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाकर हाईवे पर फंसे वाहनों को निकलवाया। देर रात तक स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई थी।

हरियाणा के DGP अजय सिंघल ने रात करीब 10 बजे अंबाला के अस्पताल पहुंचकर घायल पुलिसवालों का हाल पूछा।

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हरियाणा के अंबाला में प्रदर्शन कर रहे सिख-किसान गुरुवार शाम पुलिस से भिड़ गए। वे पंजाब के खालिस्तान विरोधी नेता गुरसिमरन सिंह मंड पर 6 दिन पहले हुए हमले के आरोपियों की रिहाई की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने दोपहर 1 बजे से दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे जाम कर रखा था। (पूरी खबर पढ़ें)
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