ब्रिटेन: हेनरी नोवाक की हत्या के बाद चाक़ू को लेकर बहस, सिख समुदाय ने क्या कहा

ब्रिटेन: हेनरी नोवाक की हत्या के बाद चाक़ू को लेकर बहस, सिख समुदाय ने क्या कहा

हेनरी नोवाक

इमेज स्रोत, PA Media

इमेज कैप्शन, 18 साल के हेनरी नोवाक की चाक़ू से हत्या कर दी गई थी

“लोगों को ब्रिटेन की सड़कों पर खुलेआम 21 सेंटीमीटर लंबा ब्लेड लेकर चलने की इजाज़त नहीं होनी चाहिए.”

ये शब्द मार्क नोवाक के थे, जो उन्होंने साउथैम्पटन क्राउन कोर्ट के बाहर कहे. उनके बेटे की चाक़ू मारकर हत्या कर दी गई थी. हत्या करने वाले शख़्स का दावा था कि वह धार्मिक वजहों से उस हथियार को अपने साथ रखे हुए था.

18 साल के हेनरी नोवाक की हत्या और उनकी मौत के समय पुलिस की ओर से उनके साथ किए गए व्यवहार ने ब्रिटेन में चाक़ू संबंधी क़ानूनों पर बहस को फिर से तेज़ कर दिया है.

लेकिन, सवाल है कि आख़िर किसे ब्लेड रखने का अधिकार है और क्या मौजूदा नियम इन अधिकारों के लिए पर्याप्त हैं?

क्या कहता है क़ानून

विक्रम दिगवा

इमेज स्रोत, Hampshire Police

इमेज कैप्शन, विक्रम दिगवा को सोमवार को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई, उन्हें कम से कम 21 साल जेल में बिताने होंगे

ब्रिटेन के क़ानून के तहत बिना किसी उचित कारण के सार्वजनिक जगहों पर अधिकांश तरह के चाक़ू रखना ग़ैरक़ानूनी है.

इसके लिए अधिकतम सज़ा चार साल की जेल, असीमित जुर्माना या दोनों हो सकती हैं.

हालांकि, क़ानून कुछ छूट भी देता है. काम के लिए, राष्ट्रीय पोशाक के हिस्से के रूप में या धार्मिक वजहों से चाक़ू रखना, 1988 के क्रिमिनल जस्टिस एक्ट की धारा 139 के तहत संभावित वैध बचाव के रूप में दर्ज है.

2019 का ऑफ़ेंसिव वेपन्स एक्ट सिखों के कृपाण रखने और उपलब्ध कराने के अधिकार को भी अतिरिक्त संरक्षण देता है. कृपाण एक धार्मिक तलवार या कटार है, जो सिख धर्म के पांच आस्था के चिह्नों में से एक है.

सज़ा सुनाते समय जज विलियम माउसली ने स्पष्ट किया कि व्यवहारिक तौर पर यह क़ानून कैसे लागू होता है.

उन्होंने कहा कि धार्मिक वजहों से सार्वजनिक जगहों पर नौ इंच लंबा ब्लेड रखने वाले व्यक्ति पर आमतौर पर ख़तरनाक हथियार रखने का मुक़दमा नहीं चलाया जाएगा, क्योंकि क़ानून में पहले से छूट दी गई है.

जिस चाक़ू से दिगवा ने नोवाक की हत्या की थी, उसकी लंबाई आठ इंच थी और इसलिए वह उस सीमा के भीतर थे.

हालांकि, जज ने यह भी साफ़ कहा कि ऐसे हथियार रखने का विशेषाधिकार “बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी” के साथ आता है और कृपाण का इस्तेमाल आक्रामक रूप से केवल अंतिम विकल्प के तौर पर ही होना चाहिए, जैसे वैध आत्मरक्षा की स्थिति में.

दिगवा उस कटार को म्यान में रखकर चल रहे थे. इसके अलावा उन्होंने अपने कपड़ों के नीचे एक छोटा पारंपरिक कृपाण भी पहन रखा था, जो धार्मिक आस्था का प्रतीक माना जाता है.

हालांकि बड़ा ब्लेड क़ानूनी सीमा के भीतर था, लेकिन सिख फ़ेडरेशन ने कहा है कि वह कृपाण नहीं था.

बदलाव की मांग

डोना जोन्स
इमेज कैप्शन, डोना जोन्स ने सरकार से क़ानून की समीक्षा की अपील की है

हेनरी नोवाक के पिता मार्क ने कहा कि वह चाहते हैं कि उनके बेटे की कहानी “सड़कों को सभी के लिए सुरक्षित बनाने” में मदद करे.

उन्होंने कहा, “इसीलिए हम सरकार से मांग कर रहे हैं कि वह चाकू से होने वाले अपराध को राष्ट्रीय आपात स्थिति की तरह देखे.”

मार्क कहते हैं, “हमें वास्तविक समाधान चाहिए. रोकथाम के लिए कुछ क़दम उठाए जाएं. हमें सभी तरह के चाक़ुओं की बिक्री, मालिकाना हक़ और उन्हें साथ लेकर चलने पर अधिक सख़्त कार्रवाई करने की ज़रूरत चाहिए.”

उन्होंने कहा कि क़ानून के तहत एक “सामान्य समझ” होनी चाहिए और किसी को भी इतने बड़े चाक़ू के साथ ब्रिटेन की सड़कों पर खुलेआम चलने की इजाज़त नहीं होनी चाहिए.

हैम्पशायर और आइल ऑफ़ वाइट की पुलिस और क्राइम कमिश्नर (पीसीसी) डोना जोन्स उन प्रमुख लोगों में रही हैं जिन्होंने क़ानून की समीक्षा की मांग का खुलकर समर्थन किया है.

पीसीसी ने सरकार से क़ानूनी रूप से अनुमति प्राप्त चाक़ुओं की लंबाई की समीक्षा करने की अपील की है.

उन्होंने बीबीसी से कहा, “अगर 3 दिसंबर 2025 को वह चाक़ू क़ानूनी नहीं होता, तो मुझे पूरा यक़ीन है कि हेनरी नोवाक आज ज़िंदा होते.”

जोन्स ने सावधानी से यह स्पष्ट किया कि उनकी यह मांग कृपाण की आलोचना नहीं है.

उन्होंने कहा, “सिख समुदाय के सदस्य के अधिकारों का उल्लंघन किए बिना गले में एक छोटा कृपाण रखना संभव है.”

सिख समुदाय का क्या कहना है?

सतवीर कौर

इमेज स्रोत, House of Commons

इमेज कैप्शन, सतवीर कौर का कहना है कि यह मामला धर्म से जुड़ा हुआ नहीं है

साउथैम्पटन टेस्ट क्षेत्र की सांसद सतवीर कौर इस मामले को एक विशेष नज़रिए से देखती हैं.

सतवीर कौर के निर्वाचन क्षेत्र में ही हेनरी की हत्या हुई थी.

ब्रिटेन में किसी स्थानीय प्राधिकरण की पहली महिला सिख नेता रह चुकीं सतवीर कौर ने साफ़ कहा कि यह मामला धर्म से जुड़ा हुआ नहीं है.

उन्होंने कहा, “यह बिल्कुल सही है कि किसी एक व्यक्ति का बुरा काम पूरे समुदाय का प्रतिनिधित्व नहीं करता.”

उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक छूट और चाक़ुओं से जुड़े दिशा-निर्देशों की समीक्षा कर उन्हें और मज़बूत किया जाना चाहिए. हालांकि उन्होंने जोन्स की तरह पूरे क़ानून की व्यापक समीक्षा की मांग का समर्थन नहीं किया.

उन्होंने कहा, “मैं वही मांग कर रही हूं जो हेनरी के पिता भी कर रहे हैं कि यह जांच पूरी तरह से की जाए, इसके लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएं और यह खुली और पारदर्शी हो.”

सिख समुदाय के एक व्यापक हिस्से ने भी इस हत्या की निंदा की है और इस घटना का इस्तेमाल धर्म को बदनाम करने के लिए किए जाने वाले किसी भी प्रयास की आलोचना की है.

जज ने सज़ा सुनाते समय कहा कि दिगवा निहंग परंपरा से जुड़े हुए व्यक्ति थे.

यह सिखों का एक ऐसा समूह है जिसकी परंपरा में दूसरा और दिखाई देने वाला ब्लेड रखना शामिल है.

हालांकि, जज ने स्पष्ट किया कि यह कोई अनिवार्य धार्मिक आवश्यकता नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि जब दिगवा के भाई और पिता घटनास्थल पर पहुंचे तो उनके पास ऐसा कोई ब्लेड नहीं था.

सिख फ़ेडरेशन ने कहा कि दिगवा की ओर से इस्तेमाल किया गया हथियार कृपाण नहीं था.

सिख प्रेस एसोसिएशन ने कहा कि ब्रिटेन के हर अमृतधारी सिख तक सीधे पहुंचकर कृपाण से जुड़े नियमों और ज़िम्मेदारियों के बारे में जानकारी देने की प्रक्रिया पहले से जारी है.

आगे क्या होगा?

विक्रम दिगवा का चाकू

इमेज स्रोत, Crown Prosecution Service

इमेज कैप्शन, विक्रम दिगवा ने इस चाक़ू का इस्तेमाल चाक़ूबाजी की घटना में किया

अटॉर्नी जनरल का कार्यालय यह विचार कर रहा है कि क्या दिगवा को दी गई सज़ा को अनड्युली लीनिएंट सेंटेंस (यूएलएस) स्कीम के तहत अपील कोर्ट के पास भेजा जाए. इसके लिए उसे कई अनुरोध प्राप्त हुए हैं.

ब्रिटेन में यूएलएस योजना के तहत कोई भी व्यक्ति इंग्लैंड और वेल्स की क्राउन कोर्ट की उन सज़ाओं की समीक्षा करने का अनुरोध अटॉर्नी जनरल के कार्यालय से कर सकता है, जिन सज़ाओं को किए गए अपराध की तुलना में बहुत कम माना जाता है.

इंडिपेंडेंट ऑफ़िस फ़ॉर पुलिस कंडक्ट उस रात घटनास्थल पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों की कार्रवाई की जांच जारी रखे हुए है.

और मार्क नोवाक ने साफ़ कर दिया है कि जब तक कुछ बदलाव नहीं होता, वह रुकने वाले नहीं हैं.

उन्होंने कहा, “हम हेनरी की दिल तोड़ देने वाली कहानी का इस्तेमाल बेहतर बदलाव लाने के लिए करना चाहते हैं. किसी भी दूसरे परिवार को चाक़ू से जुड़े अपराध में अपने बच्चे को खोने का दुख और भयावह अनुभव नहीं होना चाहिए.”

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

Source link
#बरटन #हनर #नवक #क #हतय #क #बद #चक #क #लकर #बहस #सख #समदय #न #कय #कह

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *