प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नीदरलैंड के राजा विलेम-अलेक्जेंडर और रानी मैक्सिमा से मुलाकात की। यह बैठक हेग के रॉयल पैलेस में आयोजित हुई। इस दौरान दोनों देशों के बीच डिजिटल तकनीक, नवाचार, फिनटेक और ब्लू इकोनॉमी पर गहन चर्चा हुई। इस दौरान भारत को चोल काल के ऐतिहासिक ताम्रपत्र मिले हैं।

फोटो क्रेडिट- ANI
चोल राजवंश की ऐतिहासिक धरोहर भारत को वापस मिली
इसी दौरे के बीच भारत के लिए एक और ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण पल आया, जब नीदरलैंड ने 11वीं सदी के चोल राजवंश के 21 ऐतिहासिक ताम्रपत्र भारत को वापस सौंप दिए। प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में हुए इस कार्यक्रम ने दोनों देशों के सांस्कृतिक रिश्तों को एक नया आयाम दिया है। भारत साल 2012 से ही इन बहुमूल्य ताम्रपत्रों को वापस लाने की कोशिश में जुटा था, जिन्हें नीदरलैंड में लाइडेन प्लेट्स के नाम से भी जाना जाता है।

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क्यों खास है 30 किलो का यह प्राचीन खजाना?
लगभग 30 किलो वजनी इन ताम्रपत्रों को चोल वंश का सबसे महत्वपूर्ण जीवित रिकॉर्ड माना जाता है, जो हिंदू सम्राट राजराजा चोल प्रथम और उनके पुत्र राजेंद्र चोल के काल के हैं। इन पर संस्कृत और तमिल भाषा में बौद्ध मठ को दिए गए दान का विवरण दर्ज है और इन्हें जोड़ने वाले कांस्य के छल्ले पर चोल वंश की शाही मुहर लगी है। इन्हें 1700 के दशक में एक ईसाई मिशनरी नीदरलैंड ले गया था, जिसे अब लंबी अंतरराष्ट्रीय बातचीत और पीएम मोदी के सफल दौरे के बाद डच सरकार ने ससम्मान भारत को लौटा दिया है।

पांच देशों के दौरे पर पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी अपने पांच देशों के दौरे के दूसरे चरण में नीदरलैंड पहुंचे हैं। इससे पहले वे संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के संक्षिप्त दौरे पर थे। इस यात्रा में स्वीडन, नॉर्वे और इटली भी शामिल हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर लिखा कि दोनों पक्षों ने भारत-नीदरलैंड की बढ़ती साझेदारी की सराहना की। बैठक में जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, रक्षा, सुरक्षा, सेमीकंडक्टर और अक्षय ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई गई।
प्रवासी भारतीयों को किया संबोधित
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने हेग में भारतीय प्रवासियों को संबोधित किया। उन्होंने भारत को ‘अवसरों की भूमि’ बताया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत इस समय अभूतपूर्व बदलाव के दौर से गुजर रहा है। दोनों देशों के बीच जनता का आपसी जुड़ाव इस रिश्ते का सबसे मजबूत स्तंभ है। अपनी यात्रा के अगले चरण में पीएम मोदी नीदरलैंड के अपने समकक्ष रोब जेटेन से मुलाकात करेंगे।
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मजबूत आर्थिक-व्यापारिक साझेदारी
बता दें कि नीदरलैंड वर्तमान में यूरोप में भारत के सबसे बड़े व्यापारिक भागीदारों में से एक है। दोनों देशों के बीच 2024-25 में द्विपक्षीय व्यापार 27.8 अरब अमेरिकी डॉलर यानी करीब 2,66,898.88 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसके अलावा 55.6 अरब अमेरिकी डॉलर यानी 5,337.98 अरब रुपये के संचयी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के साथ नीदरलैंड भारत का चौथा सबसे बड़ा निवेशक देश है।
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