शहर की कुछ अवैध कॉलोनियों में रजिस्ट्री पर लगी रोक हटाने के आदेश की मंजूरी के लिए पंजीयन विभाग ने कलेक्टर को फाइल भेजी है। प्रशासन की अनुमति मिलते ही …और पढ़ें

HighLights
- वित्त सचिव के पत्र के बाद पंजीयन विभाग ने कलेक्टर को भेजी है फाइल
- कुछ अवैध कॉलोनियों में रजिस्ट्री पर लगी रोक हटाने के लिए पंजीयन विभाग ने कलेक्टर को फाइल भेजी है
- प्रशासन की अनुमति मिलते ही इन कॉलोनियों में दोबारा रजिस्ट्री शुरू होने की संभावना है
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदाैर। शहर की कुछ अवैध कॉलोनियों में रजिस्ट्री पर लगी रोक हटाने के आदेश की मंजूरी के लिए पंजीयन विभाग ने कलेक्टर को फाइल भेजी है। प्रशासन की अनुमति मिलते ही इन कॉलोनियों में दोबारा रजिस्ट्री शुरू होने की संभावना है। हालांकि कोर्ट में विचाराधिक प्रकरण, सहकारिता की सदस्यता सूची में विवाद वाली कालोनियों की रजिस्ट्रियों पर प्रतिबंध लागू रहेगा। कालोनी सेल द्वारा कराई गई एफआईआर वाली कॉलोनियों में प्रतिबंध रहेगा, जबकि अन्य में छोटी-मोटी कार्रवाई वाली कॉलोनियों की रजिस्ट्रियां हो सकेंगी।
दरसअल प्रदेश के वित्त सचिव द्वारा अवैध कॉलोनियों की रजिस्ट्री को नहीं रोकने के मामले में पत्र जारी किया गया था। इसमें कहा गया था कि सक्षम अधिकारी या कोर्ट के आदेश पर ही अवैध कॉलोनियों की रजिस्ट्री रोकी जा सकेगी, अन्य सभी मामलों में रजिस्ट्री करना होगी।
जिले में कोर्ट के आदेश और सहकारिता विभाग के अलावा अन्य किसी तरह की कॉलोनियों की रजिस्ट्री पर रोक नहीं लगी है
इस आदेश के बाद पंजीयन विभाग ने अपने सभी कार्यालयों में पड़ताल की तो सामने आया कि जिले में कोर्ट के आदेश और सहकारिता विभाग के अलावा अन्य किसी तरह की कॉलोनियों की रजिस्ट्री पर रोक नहीं लगी है। हालांकि पंजीयन विभाग ने वित्त सचिव के निर्देश के बाद संबंधित फाइल तैयार कर कलेक्टर को भेजी है। अब कलेक्टर की मंजूरी के बाद अवैध कॉलोनियों की रजिस्ट्रियां होने लगेंगी।
बीते माह जारी हुआ था पत्र
वित्त सचिव द्वारा 26 मई को सभी संभाग आयुक्तों और कलेक्टरों को पत्र जारी किया गया था। पत्र में स्पष्ट किया गया कि किसी भी कॉलोनी में पंजीयन पर अनिश्चितकालीन रोक नहीं लगाई जा सकती, जब तक कि न्यायालय द्वारा इस संबंध में कोई स्पष्ट आदेश जारी न किया गया हो। साथ ही स्थानीय स्तर पर लगाए गए प्रतिबंधों को हटाने की प्रक्रिया अपनाने के निर्देश भी दिए गए थे। सूत्रों का कहना है कि पूर्व कलेक्टरों द्वारा कुछ अवैध कॉलोनियों पर रोक लगाई गई थी। इन कॉलोनियों में अब दोबारा रजिस्ट्री शुरू हो सकती है।
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