खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों ने जंतर-मंतर पर पर्यावरणविद सोनम वांगचुक और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन को लेकर इनपुट दिया था। सरकार के पास पुख्ता जानकारी थी कि इसमें आइसा समेत तमाम छात्र संगठन सक्रिय हैं। खुफिया विभाग में संयुक्त निदेशक रहे अनुराग कुमार दिल्ली के पुलिस कमिश्नर का पदभार ले चुके थे, लेकिन बड़ा सवाल है कि फिर भी कैसे सरकार चूक गई?
20 जुलाई को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन जंतर-मंतर से लेकर विजयचौक, राजीव चौक, लुटियन जोन तक युवा प्रदर्शनकारियों का हंगामा चलता रहा। रिमझिम बरसते पानी में आगे-आगे प्रदर्शनकारी और पीछे-पीछे आंसू गैस का गोला छोड़ती पुलिस, रैपिड एक्शन फोर्स के जवान। संसद भवन तक मार्च। शिक्षा मंत्रालय, शास्त्री भवन के सामने खड़े होकर शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान इस्तीफा दो का नारा और इस हुजूम को देखकर राजेन्द्र प्रसाद मार्ग स्थित कर्तव्य भवन (गृह मंत्रालय) के मुहाने पर पुलिस की घेरा बंदी। सब दिनभर चला।
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