Deadliest Earthquakes:भारत समेत दुनिया के कई देश झेल चुके हैं आपदा; बीते 90 वर्षों में 5.64 लाख+ लोगों की मौत – Deadliest Earthquake In 21 Century Thousand Death Toll And Destruction Biggest Magnitude

Deadliest Earthquakes:भारत समेत दुनिया के कई देश झेल चुके हैं आपदा; बीते 90 वर्षों में 5.64 लाख+ लोगों की मौत – Deadliest Earthquake In 21 Century Thousand Death Toll And Destruction Biggest Magnitude

वेनेजुएला, बुधवार शाम दो शक्तिशाली भूकंप के झटकों से दहल गया। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, भूकंप के पहले झटके की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.1 रही, इसके 39 सेकेंड बाद ही दूसरा झटका लगा, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.5 रही। भूकंप का केंद्र देश के कैरेबियाई तट पर स्थित मोरोन शहर के पश्चिम में और कराकास से लगभग 168 किलोमीटर दूर था। भूकंप की गहराई 13 किलोमीटर दर्ज की गई। भूकंप में हुई जान-माल के नुकसान की अभी आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन आशंका है कि इन भूकंप के झटकों से वेनेजुएला में जिस तरह की तबाही दिख रही है, उसमें हजारों लोगों की मौत की आशंका है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि मृतकों का आंकड़ा 10 हजार तक भी जा सकता है। सूनामी का अलर्ट भी जारी किया गया है।

भूकंप से वेनेजुएला में हुई तबाही कोई पहली घटना है, इससे पहले भी कई बार प्रकृति ने इसी तरह से इंसानों को डराया है। तो आइए जानते हैं कि वो कौन से बड़े भूकंप हैं, जिनमें हजारों लोगों की मौत हुई और भारी तबाही हुई। 

470 साल पहले कौन सा भूकंप, कितनी मौतें ?

इतिहास में दर्ज आंकड़ों के अनुसार, दुनिया का सबसे घातक भूकंप साल 1556 में चीन के शानक्सी में आया था, जिसमें अनुमान के अनुसार करीब आठ लाख से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। हालांकि इस भूकंप की तीव्रता कितनी थी, इसका सटीक दस्तावेजीकरण नहीं है। इसके चलते साल 2004 में हिंद महासागर में आया भूकंप सबसे घातक माना जाता है।

Deadliest Earthquakes:भारत समेत दुनिया के कई देश झेल चुके हैं आपदा; बीते 90 वर्षों में 5.64 लाख+ लोगों की मौत – Deadliest Earthquake In 21 Century Thousand Death Toll And Destruction Biggest Magnitude


बीते कुछ वर्षों में ताइवान के भूकंप की अधिक चर्चा क्यों?

ताइवान में भी भूकंप के कारण हजारों लोग जान गंवा चुके हैं। बीते कुछ वर्षों में ताइवान की चर्चा इसलिए भी अधिक हुई क्योंकि 2024 में आए भूकंप के झटकों ने करीब सात दशक पुराने जख्मों को हरा कर दिया। 1935 और 1999 के भूकंपों को मिलाकर ताइवान में 5600 से अधिक मौतें हुई थीं। साल 2020 के बाद आए सबसे भयानक भूकंपों की बात करें तो तुर्किये और सीरिया में लगे झटके के बाद 60 हजार से अधिक लोगों को जान गंवानी पड़ी थी।


2004 में हिंद महासागर में आया भूकंप कितना खतरनाक?

करीब 22 साल पहले 2004 में आए हिंद महासागर वाले भूकंप की रिक्टर स्केल पर तीव्रता 9.1 रही थी और इससे आई सुनामी के परिणामस्वरूप करीब ढाई लाख लोगों की मौत हुई थी। इस सुनामी से इंडोनेशिया, भारत, श्रीलंका और थाईलैंड में लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हुए थे। इस भूकंप के चलते सुमात्रा के तट से 150 मील दूर समुद्र तल में एक जोरदार विस्फोट हुआ, जिससे इतनी ऊर्जा निकली जो अनुमानतः 23,000 हिरोशिमा बमों के बराबर थी।

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