अमेरिका की तरफ से होर्मुज जलडमरूमध्य में चार दिन के अंदर तीन बड़े जहाजों (तेल टैंकरों) को निशाना बनाया गया। जिन टैंकरों पर अमेरिका ने हमला किया है, उनमें से सभी में भारतीय नाविक क्रू के तौर पर मौजूद थे। 10 जून को एमटी सेट्टेबेलो पर हुए एक हमले में तो तीन भारतीयों की मौत हो गई। भारत के विदेश मंत्रालय ने इन तीन में से दो हमलों (10 जून और 11 जून के हमले) को लेकर अमेरिका के राजनयिक स्तर के शीर्ष अधिकारी को तलब भी किया और इन घटनाओं पर कड़ा विरोध भी दर्ज कराया है। माना जा रहा है कि इस मुद्दे को राजदूत सर्जियो गोर के भारत लौटने के बाद एक बार फिर उठाया जा सकता है।
अमेरिका-ईरान संघर्ष शुरू होने के बाद से यह पहला मौका नहीं है, जब भारतीय किसी हमले या उसकी वजह से जनित किसी दुर्घटना का शिकार हुए हैं। अब तक कम से कम ऐसी करीब नौ घटनाओं में 13 भारतवासियों की जान जा चुकी है। इन नौ में से सात घटनाएं ईरान के हमले से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से जुड़ी रहीं, जबकि एक घटना अमेरिका से जुड़ी रही। वहीं एक घटना को लेकर दोनों ही देशों की संदिग्ध भूमिका की जांच जारी है। आइये जानते हैं कि 28 फरवरी को पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद होर्मुज से लेकर खाड़ी के देशों में कितने भारतीय युद्ध के सीधे असर की वजह से जान गंवा चुके हैं…
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