28 फरवरी 2026, यह वो तारीख थी, जब अमेरिका और इस्राइल ने मिलकर ईरान पर हमला बोला। ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत किए गए इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की जान चली गई थी। उनके साथ उनके परिवार के कई सदस्य और ईरान के शीर्ष कमांडरों की भी मौत हुई थी। इस हमले के ठीक बाद कई धड़ों में यह खबर चली थी कि ईरान के पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद की भी हमले में मौत हुई है। हालांकि, तब इसकी पुष्टि नहीं हो पाई। अहमदीनेजाद का लंबे समय तक नजर न आना भी उनकी मौत की आशंका पैदा करता रहा। हालांकि, हाल ही में करीब चार महीने से ज्यादा समय के बाद अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में जब उनकी झलक दिखाई दी तो यह साफ हो गया कि अहमदीनेजाद न सिर्फ जिंदा हैं, बल्कि बिल्कुल ठीक हैं। हालांकि, उनका इतने लंबे समय तक गायब रहना कई सवाल भी छोड़ गया।
इस सवाल का जवाब हाल ही में अमेरिकी मीडिया संस्थान ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ (एनवाईटी) की एक रिपोर्ट में मिला। इसमें कुछ सूत्रों के हवाले से दावा किया गया कि अहमदीनेजाद को अमेरिका और इस्राइल युद्ध के खत्म होने के बाद ईरान के संभावित नेता के तौर पर स्थापित करने की योजना बना रहे थे। हालांकि, कुछ गलतियों और गड़बड़ियों के चलते यह नहीं हो पाया।
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