इंदौर में आईटी और डिजिटल सेक्टर के विस्तार के लिए आधुनिक ऑफिस इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करने का काम तेजी से चल रहा है। मध्यप्रदेश औद्योगिक केंद्र विकास निगम द्वारा विकसित किए जा रहे आईटी पार्क-3 और आईटी पार्क-4 में निर्माण कार्य अंतिम चरणों में पहुंच रहा है।
आईटी पार्क-3 का भवन 22 मंजिला
इस परियोजना में 22 मंजिल भवन बन रहा है। यहां लगभग 11 लाख वर्गफीट निर्मित क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 557 करोड़ रुपए है और अब तक 394 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। करीब 80 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। यहां एसटीईपी, बाउंड्रीवॉल और वाटर टैंक सहित अन्य सुविधाओं का काम भी जारी है। दिसंबर 2026 तक प्रोजेक्ट पूरा होने की संभावना है। 22 मंजिला यह भवन मध्य भारत का सबसे ऊंचा आईटी पार्क भवन होगा। इसे आधुनिक और इंटीग्रेटेड आईटी परिसर के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां करीब 10 हजार लोग काम कर सकेंगे। यह निर्माणाधीन आईटी पार्क ग्रीन बिल्डिंग के रूप में विकसित किया जा रहा है जो 11.25 लाख वर्गफीट के कुल निर्मित क्षेत्रफल के साथ मध्य भारत का सर्वश्रेष्ठ आईटी पार्क बनने जा रहा है।
आईटी पार्क-4 का काम भी अंतिम चरण में
दूसरी ओर आईटी पार्क-4 में 9 मंजिला भवन विकसित किया जा रहा है। इसमें करीब 1 लाख वर्गफीट निर्मित क्षेत्र होगा और इसकी लागत 47 करोड़ रुपए है। प्रोजेक्ट का करीब 90 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इस बिल्डिंग को जून महीने में लीज के लिए शुरू किया जाएगा। आईटी पार्क-4 का उद्देश्य भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक और विश्वस्तरीय कार्यालय अधोसंरचना उपलब्ध कराना है।
मध्यप्रदेश को आईटी का केंद्र बना रहे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस सप्ताह निर्माणाधीन आईटी पार्क-3 का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी आईटी और सेवा क्षेत्र का केंद्र बनाने का हमारा संकल्प है। उज्जैन-इंदौर मेट्रोपालिटन रीजन इस परिवर्तन का ग्रोथ इंजन बनेगा। आईटी पार्क-3, आईटी पार्क-4, आईटी पार्क उज्जैन, इंदौर-पीथमपुर इकोनामिक कॉरिडोर और निजी क्षेत्र की परियोजनाएं मिलकर एक ऐसा आधुनिक इकोसिस्टम तैयार करेंगी जो मध्यप्रदेश को डिजिटल अर्थव्यवस्था की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर को हम मध्यप्रदेश के आईटी और सेवा क्षेत्र की विकास राजधानी के रूप में विकसित कर रहे हैं। आने वाले वर्षों में यहां विकसित होने वाला आईटी पार्कों का समग्र इकोसिस्टम प्रदेश को नई आर्थिक गति प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि विकसित किए जा रहे आईटी पार्क प्रदेश को आईटी, ग्लोबल केपीबिलिटी सेंटर और सेवा क्षेत्र का प्रमुख केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इन परियोजनाओं के माध्यम से मध्यप्रदेश में एक सुदृढ़ और भविष्य उन्मुख डिजिटल अर्थव्यवस्था का निर्माण किया जा रहा है।
आईटी पार्क-3
80 प्रतिशत निर्माण कार्य आईटी पार्क-3 का पूरा हो चुका है।
557 करोड़ रुपए आईटी पार्क-3 प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत है।
394 करोड़ रुपए आईटी पार्क-3 पर अब तक खर्च किए जा चुके हैं।
10 हजार लोग इस आधुनिक और इंटीग्रेटेड आईटी परिसर में काम कर सकेंगे।
22 मंजिला यह भवन मध्य भारत का सबसे ऊंचा आईटी पार्क भवन होगा।
11 लाख वर्गफीट निर्मित क्षेत्र आईटी पार्क-3 में विकसित किया जा रहा है।
11.25 लाख वर्गफीट कुल निर्मित क्षेत्रफल के साथ आईटी पार्क-3 मध्य भारत का सर्वश्रेष्ठ पार्क बनेगा।
आईटी पार्क 4-
9 मंजिला भवन आईटी पार्क-4 में विकसित किया जा रहा है।
47 करोड़ रुपए आईटी पार्क-4 प्रोजेक्ट की कुल लागत है।
1 लाख वर्गफीट निर्मित क्षेत्र आईटी पार्क-4 के अंतर्गत तैयार होगा।
90 प्रतिशत निर्माण कार्य आईटी पार्क-4 का पूरा हो चुका है।
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