Lionel Messi Inspiring Life Lessons

Lionel Messi Inspiring Life Lessons


54 मिनट पहले

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Lionel Messi Inspiring Life Lessons

अर्जेंटीना के फुटबॉलर मेसी ने हाल ही में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल को अलविदा कहा है, उनके चमकीले करियर की खास बातें, उन्हीं की जुबानी…

मैंने फुटबॉल खेलना शुरू किया क्योंकि मुझे उससे मोहब्बत है। उस वक्त मुझे नहीं पता था कि एक दिन दुनिया मुझे देखेगी, मेरे नाम की मिसाल दी जाएगी या मैं विश्व कप जीतूंगा। मैं बस गेंद के पीछे भागता था। मेरे लिए फुटबॉल कोई नौकरी या शोहरत नहीं थी, वह मेरा शौक था, मेरी खुशी थी। मैं बहुत छोटा था, शायद तीन-चार साल का, जब गेंद मेरे लिए दुनिया बन गई। मैं हर वक्त किसी ऐसे इंसान को तलाशता था, जिसके साथ फुटबॉल खेल सकूं। मुझे जीत-हार की ज्यादा फिक्र नहीं थी। मुझे बस खेलना था। घंटों तक गेंद को किक मारना, उसे अपने पैरों के करीब रखना और उसके साथ दौड़ना… यही मेरी दुनिया थी। लोग कहते थे मैं बाकी बच्चों से अलग हूं। लोग मुझे देखने आते थे। बचपन में इसका एहसास नहीं था। मुझे कहां मालूम था कि मेरे अंदर ऐसा कुछ है, जो मुझे दूसरों से अलग बनाता है? यह समझ धीरे-धीरे आई। आज पीछे मुड़कर देखता हूं तो लगता है मैं जिस तरह पैदा हुआ, वह मेरे लिए ऊपर वाले का तोहफा था। मैंने यह हुनर खुद नहीं बनाया था। यह मिला था। लेकिन सिर्फ हुनर मिलना काफी नहीं होता। असली इम्तिहान यह है कि आप उस तोहफे का क्या करते हैं। मैंने हमेशा कोशिश की कि जो मिला है, उसका पूरा फायदा उठाऊं। हर दिन खुद को थोड़ा बेहतर बनाने की कोशिश की। क्योंकि जिंदगी हो या खेल, इंसान कभी पूरी तरह मुकम्मल नहीं होता। हर दिन आप कुछ नया सीखते हैं। हर दिन अपने अंदर कुछ नया खोजते हैं। मेरे खेल में भी कई चीजें ऐसी हुईं, जिन्हें मैंने पहले से तय नहीं किया था। कई बार मैदान पर बस एक पल आता है और शरीर खुद फैसला कर लेता है। सामने डिफेंडर होते हैं, रास्ता बंद होता है, लेकिन मैं आगे बढ़ता हूं। एक कदम, फिर दूसरा… और अचानक रास्ता निकलता है। शायद यही मेरा खेल है, गेंद को अपने पैरों के करीब रखना और उस पल पर भरोसा करना। भरोसे के सहारे मैंने अपना सफर जारी रखा है। मैंने बहुत छोटी उम्र में घर छोड़ा। मैं अर्जेंटीना के रोसारियो से बार्सिलोना आया। यह आसान नहीं था। मैं एक बच्चा था। पीछे मेरा घर था, मेरा शहर था, मेरे अपने लोग थे। सामने एक नई जगह थी, नई जिंदगी थी और बहुत सारी अनजान चीजें…लेकिन खुद पर भरोसा था। मुझे हुनर मिला, तो मैंने उसे तराशने की कोशिश की। मुझे मौके मिले, तो मैंने उन्हें गंवाने नहीं दिया। मुश्किलें आईं, उन्हें अपनी राह का हिस्सा माना। आप भी किसी सपने के पीछे भाग रहे हैं, तो खुद से एक सवाल पूछें कि क्या मैं कल से थोड़ा बेहतर हूं? अगर जवाब हां है, तो आप सही रास्ते पर हैं। कामयाबी एक दिन में नहीं मिलती। छोटे-छोटे कदमों से बनती है।

हर मुकाबला हमें कुछ न कुछ जरूर सिखाता है हार हमें रोकने के लिए नहीं, हमें खुद को समझने और निखारने का मौका देने आती है। हर हार के बाद निराश होना स्वाभाविक है, लेकिन उसी मायूसी से बाहर निकलकर आगे बढ़ना ही असली हिम्मत है। जिंदगी में हर मुकाबला कुछ न कुछ जरूर सिखाता है। (तमाम इंटरव्यू में)



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