16 मिनट पहले
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राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने गुरुग्राम में हुए कॉमेडियन प्रणित मोरे के स्टैंड-अप कॉमेडी शो से जुड़े विवाद का स्वतः संज्ञान लिया है। 370 की बिरयानी वाली वीडियो के मामले में आयोग ने प्रणित मोरे और हिमांशु जांगड़ा को सुनवाई नोटिस जारी किया है। मामले की सुनवाई 22 जून को शाम 4 बजे आयोग के सामने तय की गई है।
न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, NCW ने कहा कि वायरल वीडियो का कंटेंट और उसे मनोरंजन के रूप में प्रस्तुत किए जाने पर गंभीर चिंता है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए NCW की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने हरियाणा के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखा है। उन्होंने मामले में जल्द, सख्त और तय समय के भीतर कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही आयोग ने पुलिस से सात दिनों के अंदर की गई कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट भी मांगी है।
आयोग ने एफआईआर दर्ज होने की स्थिति, भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अन्य लागू कानूनों के तहत की गई कार्रवाई, वायरल वीडियो की जांच और वेरिफिकेशन, तथा आयोजकों, कलाकारों और वेन्यू मैनेजमेंट की भूमिका से संबंधित जानकारी मांगी है।

बता दें कि प्रणित मोरे के शो में दर्शक हिमांशु जांगड़ा ने आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हिमांशु और प्रणित की आलोचना हुई। हिमांशु गुरुग्राम की जिस डिजाइन और मार्केटिंग एजेंसी में काम करते थे, उसने इस विवाद के बाद उन्हें नौकरी से निकाल दिया। पूरी खबर यहां पढ़ें..
AIMSA ने टिप्पणी को बताया अपमानजनक
वहीं, ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AIMSA) ने प्रणित मोरे के दूसरे स्टैंड-अप शो के दौरान MBBS स्टूडेंट सेजल पवार द्वारा कैडवर और बॉडी डोनर्स पर की गई कमेंट्स की निंदा की है।
AIMSA ने कहा कि शवों और बॉडी डोनर्स को एंटरटेनमेंट या कॉमेडी का टॉपिक बनाना असंवेदनशील और अपमानजनक है। ऑर्गनाइजेशन के मुताबिक, हर बॉडी डोनर मेडिकल एजुकेशन में योगदान देकर भविष्य के डॉक्टरों को ट्रेनिंग देने और जानें बचाने में अहम भूमिका निभाता है।
एसोसिएशन ने कहा कि शवों का मजाक उड़ाना या उन्हें हल्के में लेना मंजूर नहीं है और इससे मेडिकल शिक्षा की गरिमा कम होती है। AIMSA ने संबंधित लोगों से तुरंत माफी मांगने और सख्त कार्रवाई की मांग की। एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि अगर सही कार्रवाई नहीं की गई तो वह कानूनी कार्रवाई कर सकता है।

महाराष्ट्र साइबर ने FIR दर्ज की महाराष्ट्र साइबर ने कॉमेडियन प्रणित मोरे, हिमांशु जांगड़ा, डॉ. सेजल पवार और इसमें शामिल अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है।
FIR इंडियन पीनल कोड (IPC) 2023 की अलग-अलग धाराओं और IT एक्ट 2000 की धारा 67 के तहत दर्ज की गई है। आरोप है कि शो और उससे जुड़े ऑनलाइन वीडियो में महिलाओं, सहमति और मृत लोगों के बारे में आपत्तिजनक कमेंट्स थे।
बता दें कि ‘370 रुपए की बिरयानी’ वाले वीडियो के बाद कॉमेडियन प्रणित मोरे के शो का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस पुराने वीडियो में सेजल पवार नाम की एक MBBS स्टूडेंट ने कहा था कि वे और उनके साथी मेडिकल स्टूडेंट कॉलेज (KEM हॉस्पिटल, मुंबई) में मेडिकल रिसर्च और डिसेक्शन के लिए दान किए गए पुरुषों के शवों के प्राइवेट पार्ट्स को देखते और उनका मजाक उड़ाते थे। विवाद बढ़ने के साथ सेजल ने माफी मांगते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी गलती दोबारा नहीं होगी। पूरी खबर यहां पढ़ें..


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