नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। गर्मी का मौसम अब अपनी चलाचली की बेला में है और इंतजार है मानसून की आमद का। मानसून अपने साथ केवल वर्षा की फुहार ही नहीं लाता बल्कि ठंडी हवा के झोकों के साथ लाता है उमंग, उत्साह और धूप से मुरझाई प्रकृति में नवचेतना। बहरहाल अभी मानसून में कुछ दिन शेष हैं और कुछ दिन बचे हैं गर्मी में सैर-सपाटे के।
आइए, आज एक ऐसे सफर की ओर कदम बढ़ाते हैं जहां यदि आप गर्मी में भी जाते हैं तो सुकून मिलेगा और यदि बरसात या सर्दी के मौसम में जाते हैं तो भी आनंद की अनुभूति होगी। दिलचस्प बात तो यह है कि हर मौसम में इस स्थान का स्वरूप, आनंद और रोमांच बदल जाता है। वक्त चाहे कोई भी हो, यह स्थान बेहद खूबसूरत नजर आता है।
चार-पांच घंटे में पिकनिक मनाकर लौट सकते हैं
इंदौर के समीप ऐसे अनगिनत स्थान हैं, जहां परमात्मा ने प्रकृति के नजारों को बड़ी फुर्सत से संजोया है और इन्हीं में से एक स्थान का नाम है अंबापानी झील। वैसे इस झील का नाम अंबापानी क्यों पड़ा इसका तो सही उत्तर आसपास के ग्रामीणों के पास भी नहीं है, पर यह झील इसी नाम से लोकप्रिय और ख्यात है।
अच्छी बात यह है कि यह झील इंदौर से करीब 50 किमी दूर ही स्थित है और यहां तक पहुंचने का मार्ग भी बेहतर है। कुल मिलाकर दूरी और रास्ता ऐसा है कि आप चार-पांच घंटे के लिए भी पिकनिक मनाने जाना चाहें तो यहां जाकर लौटा जा सकता है।
हर मौसम के लिए है बेहतर
वैसे इस स्थान पर जाने का सबसे अनुकूल मौसम बरसात का है। यह स्थान तीन ओर से पहाड़ी से घिरा है और बरसात में पहाड़ों से बहकर आने वाले पानी की मात्रा इतनी ज्यादा होती है कि यहां साइफन शुरू हो जाते हैं। इस दौरान यहां की सुंदरता देखते ही बनती है। अगर अच्छी बारिश हुई हो तो साइफन बरसात के बाद भी खुले रहते हैं।
सर्दी के मौसम में भी यहां खूब पानी रहता है और हरियाली के तो क्या कहने। कुल मिलाकर जुलाई से जनवरी तक यह स्थान स्वर्ग की तरह सुंदर नजर आता है। यह स्थान गर्मी के मौसम में भी खूबसूरत नजर आता है। इस झील में अब भी खूब पानी है, जिससे गर्मी का अहसास कम होता है।
सुरक्षित भी है यह जगह
यहां ग्रामीणों की आवाजाही भी लगी रहती है। इस लिहाज से यह स्थान परिवार के लिए भी सुरक्षित है। वैसे सरकार की तरफ से तो यहां अभी तक कोई विकास कार्य नहीं हुए, पर ग्रामीणों ने यहां जरूर लकड़ियों और कवेलू के मदद से अस्थायी डोम बना रखा है, जहां बरसात व धूप से बचने के लिए आश्रय पाया जा सकता है। इस स्थान से केवल झील ही खूबसूरत नजर नहीं आती बल्कि सूर्यास्त का भी सुंदर नजारा देखा जा सकता है।
साथ लेकर जाएं भोजन-पानी यह स्थान अभी आधुनिक विकास से बहुत दूर है। यहां न तो सुलभ शौचालय है और न ही खानपान की कोई दुकान। यहां तक कि चाय भी यहां नहीं मिलती। यदि आप यहां जा रहे हैं तो या तो अपने साथ इंदौर से ही खाद्य सामग्री लेकर जाएं या फिर शिवनी गांव में बनी छोटी दुकानों से ही कुछ खाद्य पदार्थ ले लें।
यहां पर पेयजल भी नहीं है इसलिए वह भी अपने साथ लेकर जाएं। यदि आप आफरोड राइडिंग के शौकीन हैं तो झील के समीप कच्चे मार्ग पर राइडिंग कर सकते हैं।
इस तरह पहुंच सकते हैं यहां
राइड्स आफ राइडर्स के ग्रुप के ज्ञानदीप श्रीवास्तव इस स्थान तक पहुंचने की जानकारी साझा करते हुए बताते हैं कि इंदौर से यहां की दूरी करीब 50 किमी है। यह स्थान चापड़ा-पुंजापुरा मार्ग पर स्थित है। इंदौर से आप चापड़ा जाएं और फिर वहां से दाहिनी ओर बने पुंजापुरा मार्ग को अपना लें।
इस रास्ते पर सात-आठ किमी आगे बढ़ने पर शिवनी गांव आता है और इस गांव से दो किमी दूर अंबापानी झील बनी है। यह स्थान अत्यंत शांत और सुगम है। नीचे झील और पीछे पहाड़ होने से यहां का सौंदर्य और भी निखर उठता है।
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