12 अगस्त यानी आज देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहने वाला है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और केरल समेत 19 राज्यों में भारी बारिश, आंधी और तेज हवाओं का अलर्ट है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 90 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा है, जबकि पूर्वी राज्यों में आकाशीय बिजली को लेकर भी सावधानी बरतने की जरूरत है।
दिल्ली में आज कैसा रहेगा मौसम?
आज 12 अगस्त को दिल्ली में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक यहां 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। अधिकतम तापमान करीब 36 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। बारिश के दौरान सड़कों पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है।
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उत्तर प्रदेश और बिहार में किन इलाकों पर नजर रहेगी?
उत्तर प्रदेश में मेरठ, गौतमबुद्ध नगर, अलीगढ़, आगरा, मथुरा, कानपुर, बहराइच, बलरामपुर, अंबेडकर नगर, वाराणसी, चंदौली, सोनभद्र, मिर्जापुर, शाहजहांपुर, रामपुर, उन्नाव, प्रयागराज, देवरिया और गोरखपुर में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी है। यहां 70 से 80 किमी प्रति घंटे तक तेज हवाएं चल सकती हैं। लखनऊ में अधिकतम तापमान 36 और न्यूनतम 29 डिग्री रहने का अनुमान है। बिहार में गया, पटना, चंपारण, सीवान, रोहतास, औरंगाबाद, बक्सर, सारण, भोजपुर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार, अररिया, बेगूसराय और भागलपुर समेत कई जिलों में अलर्ट है। यहां 60 से 70 किमी प्रति घंटे की हवाएं चल सकती हैं।
झारखंड और पहाड़ी राज्यों में कितना खतरा है?
झारखंड के पलामू, लातेहार, गुमला, गढ़वा, सिमडेगा, रांची, पश्चिमी सिंहभूम, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, साहिबगंज, रामगढ़, हजारीबाग, जमशेदपुर और चतरा में भारी बारिश और आंधी का अनुमान है। रांची में अधिकतम तापमान 31 और न्यूनतम 24 डिग्री रह सकता है। उत्तराखंड में नैनीताल, देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, चमोली, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, बागेश्वर और चंपावत में भारी बारिश के साथ 60 किमी प्रति घंटे तक हवाएं चल सकती हैं। हिमाचल प्रदेश के चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, सोलन, बिलासपुर, किन्नौर, लाहौल-स्पीति और सिरमौर में भी तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट है।

जम्मू-कश्मीर, पंजाब और राजस्थान में क्या स्थिति रहेगी?
जम्मू-कश्मीर के पुंछ, राजौरी, अनंतनाग, बारामुला, गांदरबल, किश्तवाड़, डोडा, कठुआ और सांबा में बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी है। यहां हवा की रफ्तार 40 से 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। पंजाब में लुधियाना, पठानकोट, बरनाला, चंडीगढ़, जालंधर, पटियाला और गुरदासपुर में 50 से 55 किमी प्रति घंटे की हवाएं चल सकती हैं। राजस्थान में बूंदी, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, टोंक, सवाई माधोपुर, बारां, कोटा, पाली, बीकानेर, उदयपुर, जयपुर, अजमेर और भरतपुर में 60 से 70 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ बारिश और आंधी की चेतावनी है।
मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और दूसरे राज्यों में क्या अलर्ट?
मध्य प्रदेश में पन्ना, नरसिंहपुर, देवास, नर्मदापुरम, भोपाल, इंदौर, खंडवा, गुना, मुरैना, श्योपुर, उज्जैन, विदिशा, अशोकनगर, नीमच, उमरिया, छिंदवाड़ा और कटनी में बारिश और गरज-चमक का अनुमान है। भोपाल में अधिकतम तापमान 28 और न्यूनतम 24 डिग्री रह सकता है। पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर, पूर्व मेदिनीपुर, हावड़ा, दार्जिलिंग, नदिया, कोलकाता, अलीपुरद्वार, बीरभूम और कलिम्पोंग में भी भारी बारिश और आंधी का अलर्ट है। इसके अलावा ओडिशा, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और केरल में भी मौसम खराब रहने की चेतावनी है।

मौसम में इतना बदलाव क्यों हो रहा है?
मौसम में सक्रियता के पीछे उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्र में बना चक्रवाती परिसंचरण अहम माना जा रहा है। इसके अलावा उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे सटे छत्तीसगढ़ के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र भी बारिश को बढ़ा सकता है। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में भारी बारिश का अनुमान है। ऐसे में पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। मछुआरों और किसानों को मौसम को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
आज किन लोगों को सबसे ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए?
भारी बारिश और तेज हवाओं वाले इलाकों में लोगों को खुले स्थानों, कमजोर पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की जरूरत है। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को भूस्खलन वाले रास्तों पर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। किसानों और मछुआरों के लिए भी मौसम विभाग की चेतावनी महत्वपूर्ण है। मानसून की सक्रिय स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी किसी भी अतिरिक्त चेतावनी या यात्रा संबंधी निर्देश को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
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