अमेरिका:’ऐसे फैसले देशहित के खिलाफ’, युद्ध शक्तियां कम करने का समर्थन करने पर डेमोक्रेट्स पर भड़के ट्रंप – Trump Slams Democrats Republicans War Powers Vote Iran Talks

अमेरिका:’ऐसे फैसले देशहित के खिलाफ’, युद्ध शक्तियां कम करने का समर्थन करने पर डेमोक्रेट्स पर भड़के ट्रंप – Trump Slams Democrats Republicans War Powers Vote Iran Talks

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि प्रतिनिधि सभा (अमेरिकी संसद का निचला सदन) में हुए मतदान में डेमोक्रेटिक पार्टी और रिपब्लिकन पार्टी के कुछ सांसदों ने उनकी युद्धकालीन शक्तियों को सीमित करने का समर्थन किया। उन्होंने इसे देश के हितों के खिलाफ बताया और कहा कि यह घटनाक्रम तब हुआ है, जब वह ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के लिए वार्ता के अंतिम चरण में हैं। 

ट्रंप ने डेमोक्रेट्स पर आरोप लगाया कि वे देश को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं। उन्होंने चार रिपब्लिकन सांसदों को ‘दिखावा करने वाला’ बताया उन्होंने कहा कि ऐसे फैसले उनके अनुसार देशहित के खिलाफ हैं।  

अमेरिका:’ऐसे फैसले देशहित के खिलाफ’, युद्ध शक्तियां कम करने का समर्थन करने पर डेमोक्रेट्स पर भड़के ट्रंप – Trump Slams Democrats Republicans War Powers Vote Iran Talks


ट्रंप ने क्या कहा?

अमेरिकी राष्ट्रपति ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा, कल एक बेकार मतदान में प्रतिनिधि सभा ने ठीक उसी समय चार खराब रिपब्लिकन और सभी डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर मेरी युद्ध शक्तियों को सीमित करने के लिए वोट किया, जब मैं ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के लिए अंतिम वार्ता कर रहा था। ऐसा देशविरोधी काम कौन करेगा। उन्हें पता है कि वार्ता किस स्थिति में है। डेमोक्रेट्स ट्रंप के खिलाफ अत्यधिक विरोध की भावना से प्रेरित हैं। वे देश को असफल होते देखना पसंद करेंगे, बजाय इसके कि मुझे एक और जीत मिल जाए। वे चार रिपब्लिकन एक अलग कहानी हैं- वे सिर्फ दिखावा करने वाले हैं। उन्हें खुद पर शर्म आनी चाहिए।

 

संसद में पारित हुए इस प्रस्ताव के मायने क्या?

1. रिपब्लिकन पार्टी में मतभेद के संकेत

चार रिपब्लिकन सांसदों का पार्टी लाइन से हटकर डेमोक्रेट्स के साथ इस प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करना रिपब्लिकन पार्टी के अंदर ट्रंप प्रशासन के युद्ध संचालन को लेकर बढ़ती बेचैनी को उजागर करता है। यह राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे अहम मुद्दे पर रिपब्लिकन सांसदों का राष्ट्रपति ट्रंप से अलग होने का एक अनदेखा उदाहरण भी बन गया है, जो रिपब्लिकन पार्टी में स्पष्ट विभाजन को दर्शा रहा है। 

2. युद्ध के आर्थिक असर को लेकर चिंताएं

इस प्रस्ताव का पारित होना इस बात का संकेत है कि अमेरिकी सांसद उन आम नागरिकों की चिंताओं को लेकर गंभीर हैं, जो पश्चिम एशिया में एक और अंतहीन युद्ध नहीं चाहते। 28 फरवरी से शुरू हुए इस युद्ध की वजह से ईंधन और खाद्य पदार्थों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है। इससे पूरे अमेरिका में महंगाई काफी बढ़ गई है। प्रतिनिधि सभा में अब ट्रंप की युद्ध शक्ति को सीमित करने के प्रस्ताव के पारित होने को एक बड़े राजनीतिक मोड़ के रूप में देखा जा रहा है, जहां सांसद जनता की आर्थिक दिक्कतों पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। 

3. मध्यावधि चुनाव में संसदीय बहुमत गंवाने का डर

अमेरिका में इस साल के अंत में मध्यावधि चुनाव भी होने हैं, जिनमें सीनेट की एक-तिहाई और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की सभी सीटें दांव पर होती हैं। इसके अलावा 50 में से 34 राज्यों में गवर्नर भी मध्यावधि चुनाव के दौरान ही चुने जाते हैं। ऐसे में डेमोक्रेटिक पार्टी लगातार ईरान युद्ध के आर्थिक परिणामों और महंगाई को एक चुनावी संदेश के तौर पर इस्तेमाल कर रही है। इसे लेकर रिपब्लिकन सांसदों में असहजता की स्थिति बन चुकी हैं। अगर डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से उठाए गए मुद्दों पर वोटिंग होती है तो यह रिपब्लिकन पार्टी के लिए बड़ा नुकसान हो सकता है। ऐसे में हालिया प्रस्ताव को लेकर रिपब्लिकन सासंद का समर्थन पार्टी के बाकी सांसदों की चिंताएं भी बढ़ा सकता है। 

 

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क्या प्रस्ताव से वाकई में अमेरिकी राष्ट्रपति की युद्ध शक्तियों पर लगाम लगेगी? 

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की तरफ से पारित यह प्रस्ताव तुरंत प्रभाव से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की युद्ध शक्तियों पर लगाम नहीं लगाएगा। इस प्रस्ताव को मुख्य रूप से एक प्रतीकात्मक कदम माना जा रहा है। दरअसल, इसे पूरी तरह लागू होने के लिए दो और पड़ावों से गुजरना होगा। इनमें सीनेट से मंजूरी और खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मंजूरी की जरूरत होगी, जो कि एक कठिन राह है। 

सीनेट की मंजूरी: अमेरिकी राष्ट्रपति की युद्ध शक्तियों पर लगाम लगाने वाला यह प्रस्ताव अभी केवल निचले सदन में पास हुआ है और कानूनी रूप से प्रभावी होने के लिए इसे संसद के उच्च सदन- सीनेट से भी पारित होना होगा, जहां रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत है। यानी इस सदन में प्रस्ताव पारित कराने के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी को कुछ रिपब्लिकन पार्टी के सीनेटर्स (सांसदों) का समर्थन भी चाहिए होगा, जो कि एक मुश्किल संभावना है।

 

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