इंदौर में ई-रिक्शा की बेतरतीब दौड़ बिगाड़ रही ट्रैफिक, अब तक लागू नहीं हुए जोन

इंदौर में ई-रिक्शा की बेतरतीब दौड़ बिगाड़ रही ट्रैफिक, अब तक लागू नहीं हुए जोन

शहर में यातायात सुगम करने और प्रदूषण कम करने के लिए ई-रिक्शा चलाए गए। अब ये पूरे शहर के लिए गले की फांस बन चुके हैं। यातायात विभाग ने ई-रिक्शा चालकों …और पढ़ें

Publish Date: Fri, 10 Jul 2026 11:51:14 AM (IST)Updated Date: Fri, 10 Jul 2026 11:51:14 AM (IST)

इंदौर में ई-रिक्शा की बेतरतीब दौड़ बिगाड़ रही ट्रैफिक, अब तक लागू नहीं हुए जोन
इंदौर में ई-रिक्शा की बेतरतीब दौड़ बिगाड़ रही ट्रैफिक। (नईदुनिया प्रतिनिधि)

HighLights

  1. न मार्ग तय, न नियमों का पालन, नाबालिग बेखौफ चला रहे ई-रिक्शा
  2. ई-रिक्शा चालक राजवाड़ा क्षेत्र सहित पूरे शहर में बेतरतीब वाहन दौड़ाते हुए नजर आते हैं
  3. तय मार्ग, प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश और अवैध पार्किंग रोकने के फैसले महीनों बाद भी जमीन पर नजर नहीं आ रहे हैं

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शहर में यातायात सुगम करने और प्रदूषण कम करने के लिए ई-रिक्शा चलाए गए। अब ये पूरे शहर के लिए गले की फांस बन चुके हैं। यातायात विभाग ने ई-रिक्शा चालकों को निर्धारित मार्ग पर संचालित करने के लिए चार जोन तो तय कर दिए, लेकिन उसे लागू नहीं कर पा रहे है।

नतीजन ई-रिक्शा चालक राजवाड़ा क्षेत्र सहित पूरे शहर में बेतरतीब वाहन दौड़ाते हुए नजर आते हैं। तय मार्ग, प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश और अवैध पार्किंग रोकने के फैसले महीनों बाद भी जमीन पर नजर नहीं आ रहे हैं। यातायात विभाग के जिम्मेदार अधिकारी जल्द ही बैठक कर जोन लागू करने की बात कह रहे हैं।

शहर में करीब 12 हजार ई-रिक्शा संचालित हो रहे हैं। कुछ महीने पहले ट्रैफिक पुलिस ने चार जोन बनाकर ई-रिक्शों के संचालन की योजना तैयार की थी। साथ ही राजवाड़ा जैसे भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में इनके प्रवेश और पार्किंग पर नियंत्रण का प्रस्ताव भी सड़क सुरक्षा समिति से मंजूर कराया गया था, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं। राजवाड़ा पर यातायात चौकी के सामने ही ई-रिक्शा चालक कहीं भी वाहन खड़े कर सवारी बैठते हैं। इससे दिनभर यातायात बाधित होता रहता है। शिकायतें केवल अव्यवस्थित संचालन तक सीमित नहीं हैं। कई मामलों में नाबालिगों द्वारा ई-रिक्शा चलाने और नशे की हालत में वाहन संचालन के आरोप भी सामने आते रहे हैं। इसके बावजूद नियमित जांच और सख्त कार्रवाई का अभाव साफ दिखाई देता है।

सड़कों से यातायात का दबाव कम हो

शहर की प्रमुख सड़कों से गलियों व कालोनियों तक ई-रिक्शा का संचालन किया जाना था, ताकि सड़कों से यातायात का दबाव कम हो सकें। सवारी गलियों व कालोनियों से ई-रिक्शा की सहायता से मुख्य मार्गों तक आसानी से पहुंच सकें, परंतु ई-रिक्शा धड़ल्ले से मुख्य मार्गों पर दौड़ रहे हैं।

उधर, तय हुआ था कि तय मार्गों पर ई-रिक्शा का संचालन किया जाएगा, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई विशेष प्रगति होती नजर नहीं आ रही। परिणाम यह हुआ कि अब ई-रिक्शा चालक जहां मर्जी होती है, वहां अपने वाहन दौड़ाते रहते हैं। शहर में यातायात की समस्या सुलझने के बजाय और उलझ गई। प्रमुख मार्गों पर तो इनकी रेलमपेल के कारण कई बार जाम की स्थिति बन जाती है। प्रत्येक चौराहे पर चार से पांच ई-रिक्शा हमेशा बेतरतीब खड़े नजर आते है। किसी भी सवारी ने हाथ दिया, तो सवारी कहीं भी ई-रिक्शा रोककर खड़े होकर सवारी बैठाते है। इस कारण दिन में कई बार जाम की स्थिति निर्मित हो जाती है।

जल्द ही चालकों के साथ करेंगे बैठक

ट्रैफिक डीसीपी राजेश कुमार त्रिपाठी के अनुसार जल्द ही ई-रिक्शा चालकों के साथ बैठक करेंगे। बैठक में जोन के साथ तय मार्ग लागू करने की जल्द ही तारीख तय की जाएगी। जोन लागू करने के पहले ई-रिक्शा चालकों को सात दिन का समय दिया जाएगा। इसके बाद जोन के साथ तय मार्ग पर ही चलना होगा। नियम तोड़ने वालों पर चालानी कार्रवाई की जाएगी। अब तक सात हजार चालकों ने रजिस्ट्रेशन करवा लिए गए हैं। अब तक तीन हजार 311 ई-रिक्शा कलर कोडिंग हो चुकी है।

एमपी में सड़कों पर ई-रिक्शा की मनमानी होगी खत्म… जल्द आएगी नई नीति, रूट और कलर कोड से तय होगा संचालन

Source link
#इदर #म #ईरकश #क #बतरतब #दड #बगड #रह #टरफक #अब #तक #लग #नह #हए #जन

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *