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ग्वालयिर में कचरे के वैज्ञानिक और पर्यावरण अनुकूल निस्तारण को लेकर नगर निगम ने केदारपुर प्लांट में इटली की तकनीक पर आधारित 1200 टीपीडी क्षमता वाली मशीन शुरू की है। इस मशीन के संचालन से शहर से एकत्रित होने वाले कचरे के प्रसंस्करण की क्षमता बढ़ने और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। नगर निगम आयुक्त अभिषेक चौधरी और अपर आयुक्त टी. प्रतीक राव के निर्देश पर प्लांट में यह मशीन स्थापित की गई है। इसका उद्देश्य शहर में निकलने वाले कचरे का आधुनिक तकनीक से प्रसंस्करण कर उसके निस्तारण की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना है। 1200 टीपीडी का अर्थ प्रतिदिन 1200 टन कचरे के प्रसंस्करण की निर्धारित क्षमता है। कचरे के निस्तारण में मिलेगी मदद शहर में रोजाना निकलने वाले कचरे का समय पर संग्रहण, प्रसंस्करण और व्यवस्थित निस्तारण नगर निगम के सामने बड़ी चुनौती है। कई स्थानों पर कचरा जमा होने से गंदगी और प्रदूषण की समस्या पैदा होती है। ऐसे में आधुनिक तकनीक वाली मशीन शुरू होने से कचरे के प्रसंस्करण की प्रक्रिया तेज करने और निस्तारण व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। पर्यावरण अनुकूल व्यवस्था पर जोर नगर निगम के नोडल अधिकारी शैलेंद्र सक्सेना ने मशीन को शहर की स्वच्छता व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया है। उनके अनुसार, आधुनिक तकनीक से कचरे का व्यवस्थित प्रसंस्करण करने में मदद मिलेगी। इससे पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को कम करने और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में काम किया जा सकेगा। नियमित संचालन से तय होगी सफलता नई मशीन शुरू होने के बाद अब इसके नियमित संचालन और निर्धारित क्षमता के अनुरूप कचरे के प्रसंस्करण पर नजर रहेगी। मशीन की वास्तविक उपयोगिता इस बात पर निर्भर करेगी कि इसका नियमित संचालन कितना प्रभावी रहता है और इससे शहर में कचरे के निस्तारण की व्यवस्था में कितना सुधार आता है। नगर निगम का लक्ष्य कचरा संग्रहण से लेकर उसके अंतिम निस्तारण तक की पूरी प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पर्यावरण अनुकूल बनाना है।
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