
स्वास्थ्य सेवाओं के तेजी से बदलते स्वरूप के बीच भोपाल में विभिन्न रोगों के परंपरिक इलाज से दो कदम आगे एक ही रोग के प्रत्येक रोगी का अलग उपचार शुरू किया जाएगा। इसके तहत हर रोगी की शारीरिक स्थिति, उसके जीन (डीन), जीवनशैली, पर्यावरण और बीमारी के प्रकार के आधार उपाचर किया जाता है। इस आधुनिक चिकित्सा पद्धति को प्रिसिजन मेडिसिन कहा जाता है। इसके तहत कैंसर, हृदय रोगों, डायबिटीज और मनोरोग को जड़ से खत्म किया जा सकता है। एम्स भोपाल में एक वर्ष से ट्रॉयल चल रहा है। जीन आधारित जांच व उन्नत डायग्नॉस्टिक तकनीकों को धीरे-धीरे शामिल किया जा रहा है।
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