कोई ऐसा दोस्त नहीं, जिसे बेमतलब कॉल कर सकें:दोस्ती बनी नई लग्जरी; 50% का कोई करीबी दोस्त नहीं, 20% का सिर्फ एक

कोई ऐसा दोस्त नहीं, जिसे बेमतलब कॉल कर सकें:दोस्ती बनी नई लग्जरी; 50% का कोई करीबी दोस्त नहीं, 20% का सिर्फ एक



कोई ऐसा दोस्त नहीं, जिसे बेमतलब कॉल कर सकें:दोस्ती बनी नई लग्जरी; 50% का कोई करीबी दोस्त नहीं, 20% का सिर्फ एक


आज के समय में अमीर होने या लग्जरी लाइफ का मतलब महंगी कार, आलीशान घर होना ही नहीं है। तेज रफ्तार, व्यस्त जिंदगी में अच्छे और सच्चे दोस्तों का होना शायद इनसे भी बड़ी संपत्ति है। अमेरिका में बदलती सामाजिक जिंदगी के चलते फ्रेंडशिप अब न्यू लग्जरी बन रही है। कई लोगों के साथ स्थिति ये है कि संपर्क और परिचय में हजारों लोग हैं, लेकिन ऐसा करीबी दोस्त कोई नहीं जिसे बेमतलब कॉल किया जा सके। ‘नोबडी टू कॉल’ नाम की रिपोर्ट में 25 से 45 वर्ष के पुरुषों से बात की गई। करीब 50% ने कहा कि उनके कोई करीबी दोस्त नहीं हैं, जबकि 20% के पास सिर्फ एक करीबी दोस्त था। एक उत्तरदाता ने कहा: ‘मुझे लगता है कि मेरे पास कोई ऐसा दोस्त नहीं है जिसके लिए मैं मायने रखता हूं।’ तेजी से बढ़ रही दोस्त बनवाने की इंडस्ट्री 25 से 45 वर्ष के पुरुषों से बातचीत में नतीजा। 50% ने कहा कि उनके कोई करीबी दोस्त नहीं हैं। 20% के पास सिर्फ एक करीबी दोस्त था। अमेरिका में सच्ची दोस्ती की जरूरत इतनी बढ़ गई है कि इसके इर्द-गिर्द एक इंडस्ट्री आकार ले रही है। दोस्त बनवाने के लिए महंगी फीस ली जा रही है। एक विज्ञापन में ‘आधुनिक सोशल क्लब’ में शामिल होने का आमंत्रण दिया गया है। ट्रेंडी रेस्टोरेंट में आयोजित डिनर पार्टियों के ज़रिए ‘अजनबियों को दोस्त बनाएं’। एक आलीशान कॉन्डो बिल्डिंग अपने ‘कम्युनिटी क्लबहाउस’ को एक रोमांचक सुविधा के रूप में प्रचारित कर रही है, जबकि एक अन्य सोशल स्टार्ट-अप कहता है, ‘हम आपके लिए दोस्त ढूंढते हैं।’विज्ञापनों की भारी संख्या से पता चलता है कि दोस्त बनवाने की इंडस्ट्री तेजी से बढ़ रही है।



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