स्थाई सनद के लिए आयोजित की जाने वाली ऑल इंडिया बार परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों ने कुछ प्र …और पढ़ें

HighLights
- बार परीक्षा में आउट ऑफ सिलेबस और गलत विकल्प पूछने पर बढ़ा विवाद
- अस्पष्ट और त्रुटिपूर्ण प्रश्नों के खिलाफ हाई कोर्ट में लगेगी याचिका
- वकालत जारी रखने के लिए दो साल के भीतर यह परीक्षा पास करना जरूरी
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। स्थाई सनद के लिए आयोजित की जाने वाली ऑल इंडिया बार परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों ने कुछ प्रश्नों की वैधता एवं सटीकता पर सवाल उठाया है। मामले में अब हाई कोर्ट में याचिका दायर करने की तैयारी है। मामले की शिकायत बार काउंसिल ऑफ इंडिया तक भी पहुंच गई है।
एडवोकेट राजेश खंडेलवाल ने बताया कि देशभर के 55 शहरों में आयोजित इस परीक्षा में हर बार हजारों अभ्यर्थी शामिल होते हैं। इस बार भी इंदौर से करीब 3200 अभ्यर्थी इसमें शामिल हुए थे। परीक्षा पूछे गए कुछ प्रश्न निर्धारित पाठ्यक्रम से बाहर के दिख रहे हैं जबकि कुछ प्रश्नों की भाषा और उत्तर विकल्पों में अस्पष्टता एवं त्रुटियां हैं। खंडेलवाल ने बताया कि अभ्यर्थियों द्वारा परेशानी बताए जाने के बाद वे अब इस मामले में याचिका प्रस्तुत करने की तैयारी कर रहे हैं, ताकि जूनियर वकीलों को न्याय मिल सके।
स्थाई सनद प्राप्त करने के जरूरी है परीक्षा उत्तीर्ण करना
एलएलबी की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद राज्य अधिवक्ता परिषद अधिवक्ता को दो वर्ष के लिए अस्थाई सनद जारी करता है। दो वर्ष की अवधि में अधिवक्ता को बार कौंसिल ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित इस परीक्षा को उत्तीर्ण करना होता है।
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जो वकील दो वर्ष की अवधि में परीक्षा उत्तीर्ण नहीं करते उनकी वकालत पर तब तक के लिए रोक लगा दी जाती है जब तक कि वे परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर लेते। बार कौंसिल ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित की जाने वाली यह परीक्षा वर्ष में दो बार आयोजित होती है।
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