इंदौर विकास प्राधिकरण की ईवी पहल बनी प्रदेश में मिसाल, हर महीने हजारों लीटर ईंधन की बचत

इंदौर विकास प्राधिकरण की ईवी पहल बनी प्रदेश में मिसाल, हर महीने हजारों लीटर ईंधन की बचत

हर माह हजारों लीटर ईंधन की बचत हो रही है। ऐसी ही पहल इंदौर के सभी शासकीय कार्यालय करने लगे तो ईंधन की बढ़ी बचत हो सकती है। …और पढ़ें

Publish Date: Tue, 12 May 2026 09:50:08 AM (IST)Updated Date: Tue, 12 May 2026 09:50:08 AM (IST)

इंदौर विकास प्राधिकरण की ईवी पहल बनी प्रदेश में मिसाल, हर महीने हजारों लीटर ईंधन की बचत
इंदौर विकास प्राधिकरण। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. डीजल-पेट्रोल के 23 वाहन हटाकर ईवी वाहन किए अटैच, 13 चल रहे, 10 आएंगे
  2. आईडीए प्रदेश में पहला ऐसा सरकारी संस्थान बन गया है, जहां बड़े स्तर पर इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग शुरू किया गया है
  3. इससे हर माह हजारों लीटर ईंधन की बचत हो रही है

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। बढ़ते ईंधन संकट और पर्यावरण संरक्षण की चुनौती के बीच इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) ने ऐसा कदम उठाया है, जो प्रदेश के अन्य सरकारी संस्थानों के लिए उदाहरण बनता जा रहा है।

आईडीए प्रदेश में पहला ऐसा सरकारी संस्थान बन गया है, जहां पर बड़े स्तर पर इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) का उपयोग शुरू किया गया है। इससे हर माह हजारों लीटर ईंधन की बचत हो रही है। ऐसी ही पहल इंदौर के सभी शासकीय कार्यालय करने लगे तो ईंधन की बढ़ी बचत हो सकती है।

दरअसल एक जनवरी से शुरू किए गए इस नवाचार के तहत वर्तमान में 13 ईवी वाहन विभिन्न प्रशासनिक कार्यों में लगाए गए हैं। इन वाहनों के उपयोग से हर माह करीब साढ़े तीन हजार से चार हजार लीटर तक पेट्रोल-डीजल की बचत हो रही है। खास बात यह है कि अगले माह 10 और ईवी वाहन शामिल किए जाने की तैयारी है, जिससे बचत का आंकड़ा और बढ़ेगा।

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों से ईंधन बचाने और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने का आह्वान किया था। आइडीए के इस दिशा में किए गए प्रयास यह संदेंश देते है कि सरकारी संस्थान चाहें तो बड़े स्तर पर बदलाव संभव है। आइडीए सीइओ डा. परीक्षित झाड़े ने आइडीए की कमान संभालने के बाद इस नवाचार को अपने का निर्णय लिया, ताकि ईंधन की बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी सहेजा जा सके।

ईंधन बचत का प्रभावी मॉडल

वैश्विक स्तर पर बढ़ती ऊर्जा चुनौतियों और पेट्रोल-डीजल की कीमतों के बीच आईडीए का यह प्रयोग पर्यावरण संरक्षण के साथ ईंधन बचत का भी प्रभावी माडल बन रहा है। वर्तमान में शहर के कई बड़े सरकारी विभागों जैसे प्रशासनिक संकुल, नगर निगम और पुलिस विभाग के अलावा अन्य सभी विभागों में अब भी पारंपरिक ईंधन आधारित वाहनों का अधिक उपयोग हो रहा है।इसमें हजारों लीटर पेट्रोल-डीजल की खपत होती है।

हरित परिवहन को मिलेगा बढ़ावा

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अन्य सरकारी विभाग भी आइडीए की तरह ईवी माडल अपनाते हैं, तो हर वर्ष लाखों लीटर ईंधन बचाया जा सकता है। साथ ही आमजन में भी इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर सकारात्मक संदेश जाएगा और शहर हरित परिवहन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकेगा।

  • प्रधानमंत्री ने किया है ईवी वाहनों के उपयोग का आव्हान
  • आइडीए ने 23 ईंधन वाहन हटाकर, ईवी वाहन किए अटेच
  • हर माह चार हजार लीटर ईंधन की हो रही बचत
  • कुल 23 वाहन होने है अटेच, 13 किए, 10 आएंगे

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