2 मिनट पहले
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कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास और रत्ना सिंह ने रात एक बजे वीडियो जारी किया। बताया कि प्रदर्शनकारियों पर कहीं भी FIR नहीं होगी।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने बताया कि सभी प्रदर्शनकारियों की FIR वापस होंगी। CJP प्रवक्ता सौरव दास और रत्ना ने सोमवार रात एक बजे वीडियो जारी कर यह जानकारी दी।
सौरव ने बताया कि सरकार के प्रतिनिधि (दिल्ली पुलिस के अफसर) मिलने आए थे। हमने उन्हें बताया कि आशंका है कि सरकार ने जो वादे किए थे, वे पूरे नहीं होंगे। उन्होंने बिहार सरकार के गृह विभाग की प्रेस रिलीज दिखाई। इसमें लिखा है कि सभी प्रोटेस्टर्स की FIR वापस ली जाएंगी और भविष्य में भी कोई एक्शन नहीं लिया जाएगा।
हमारी आशंका थी कि प्रदर्शनकारियों को किसी राज्य में नुकसान पहुंचाया जा सकता है। सरकार ने हमें गारंटी दी है कि ऐसा न हो, इसलिए इसका एक नोटिफिकेशन निकाला जाएगा, ताकि प्रदर्शनकारी सुरक्षित रहें। भविष्य में भी उनके खिलाफ कोई एक्शन नहीं होगा।
CJP ने फिर आंदोलन की चेतावनी दी थी, सरकार ने बातचीत की

CJP प्रवक्ता सौरव दास और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने सोमवार शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। सिब्बल ने कहा कि मैं कॉकरोच पार्टी को बाहर से कानूनी मदद दे रहा हूं।
इससे पहले CJP ने सोमवार शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस में चेतावनी दी थी कि अगर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस नहीं ली गईं तो नए प्रदर्शन होंगे। प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा- सरकार समझौते का उल्लंघन कर रही है। अगर लिखित समझौता नहीं मिला तो आंदोलन दोबारा शुरू करना पड़ेगा।
पार्टी का कहना है कि उसने देशव्यापी आंदोलन केंद्र सरकार के इस आश्वासन पर खत्म किया था कि किसी भी प्रदर्शनकारी पर कोई एक्शन नहीं होगा। हालांकि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद सरकार की तरफ से कोई बयान जारी नहीं किया गया था।
बिहार सरकार ने सभी FIR वापस लेने का ऐलान किया

तस्वीर पटना की है, जहां पुलिस ने विरोध प्रदर्शन कर रहे युवक को पीटा फिर उसे हिरासत में ले लिया।
बिहार सरकार ने सोमवार को घोषणा की है कि वह 26 जुलाई को शाम 6 बजे से पहले बिहार में कहीं भी हुए विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करेगी।
सरकार विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी सभी FIR, आपराधिक शिकायतों और कारण बताओ नोटिस को वापस लेने की प्रक्रिया भी शुरू करेगी।
सरकार ने कहा कि ऐसे मामलों में गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए सभी लोगों को रिहा करेगी। यह भी तय करेगी कि भविष्य में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई न हो। पढ़ें पूरी खबर…
प्रदर्शनकारियों की मदद कर रही CJP की लीगल टीम
CJP की कानूनी संपर्क अधिकारी के तौर पर पेश की गईं रत्ना सिंह ने आरोप लगाया कि वकील पहले से ही असम, पश्चिम बंगाल और बिहार में हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों की मदद कर रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि कोलकाता में 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से 10 मुस्लिम हैं, और आरोप लगाया कि गुंडा एक्ट सहित कड़े प्रावधान लागू किए जा सकते हैं।
उन्होंने बिहार के पटना, सिवान और छपरा में पुलिस की बर्बरता का भी आरोप लगाया और दावा किया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ़ हत्या के प्रयास के आरोप लगाए गए हैं और लगभग 5,000 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
आंदोलन खत्म होने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के 3 एक्शन…
- CJP प्रदर्शन के दौरान घायल और पुलिस मामलों में फंसे लोगों की मदद के लिए जनता से चंदा इकट्ठा कर रही है। इसके लिए एक वेबसाइट शुरू की है।
- CJP ने देशभर में लीगल एड सेल बनाने का ऐलान किया। कपिल सिब्बल ने कानूनी सहायता के लिए ₹1 करोड़ देने की घोषणा। साथ ही हर जिले के वकीलों से मदद मांगी है।
- संगठन ने अपनी वेबसाइट पर साक्षी पोर्टल लॉन्च करने कहा है। इसमें प्रदर्शन कारियों पर पुलिस एक्शन के फोटो-वीडियो अपलोड किए जा सकेंगे।
दिल्ली पुलिस का दावा- प्रदर्शनकारियों में रेपिस्ट-डकैत भी शामिल थे

दिल्ली पुलिस फेस रिकॉग्निशन सिस्टम (FCR) के जरिए जंतर मंतर पर प्रोटेस्ट करने वालों की पहचान की।
दिल्ली पुलिस की जांच में दावा किया गया है कि जांच में 2,873 लोगों का वैरिफिकेशन हुआ। इनमें से 989 पर हत्या, डकैती, लूट, रेप से जुड़े मामले दर्ज हैं।
पुलिस के मुताबिक जांच में 101 लोग हत्या, 62 हत्या के प्रयास, 284 लूट-डकैती, 229 आर्म्स एक्ट, 135 स्नैचिंग, 19 अपहरण और 67 NDPS एक्ट से जुड़े मामलों में आरोपी पाए गए।
इसके अलावा 61 लोगों के खिलाफ रेप, 25 के खिलाफ महिलाओं से छेड़छाड़ और 6 लोगों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामले दर्ज पाए गए।
दिल्ली पुलिस ने कहा है कि वह हालात पर कड़ी नजर रख रही है। साथ ही किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए एहतियात के तौर पर सुरक्षा इंतजाम कड़े कर दिए गए हैं।
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