Gen Alpha और Gen Z का इंदौर में प्रदर्शन, कलेक्टर पर देवगुराड़िया से कंपेल तक बस की मांग, कहा- भीख नहीं मांग रहे हैं

Gen Alpha और Gen Z का इंदौर में प्रदर्शन, कलेक्टर पर देवगुराड़िया से कंपेल तक बस की मांग, कहा- भीख नहीं मांग रहे हैं

देवगुराड़िया से कंपेल स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तक बस चलाने की मांग को लेकर छात्र-छात्राओं ने शुक्रवार को कलेक्टर कार्यालय के बाहर धरने पर…और पढ़ें

Publish Date: Fri, 21 Aug 2026 11:04:02 PM (IST)Updated Date: Fri, 21 Aug 2026 11:04:02 PM (IST)

Gen Alpha और Gen Z का इंदौर में प्रदर्शन, कलेक्टर पर देवगुराड़िया से कंपेल तक बस की मांग, कहा- भीख नहीं मांग रहे हैं
इंदौर कलेक्टोरेट पर Gen Alpha का हल्लाबोल।

HighLights

  1. इंदौर कलेक्टोरेट पर Gen Alpha का हल्लाबोल
  2. छात्रों ने की देवगुराड़िया से कंपेल तक बस की मांग
  3. कहा- हम अपना अधिकार मांग रहे हैं न कि भीख

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। देवगुराड़िया से कंपेल स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तक बस चलाने की मांग को लेकर छात्र-छात्राओं ने शुक्रवार को कलेक्टर कार्यालय के बाहर धरने पर बैठकर प्रदर्शन किया। बस सुविधा नहीं मिलने से स्कूल पहुंचने में हो रही परेशानी को लेकर जेन-अल्फा के छात्र-छात्राओं को सड़क पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया। हम अपना अधिकार मांगते नहीं किसी से भिख मांगते जैसे सहित अन्य नारे भी लगाए।

समय पर बसें न मिलने से छूट रही हैं कक्षाएं

प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं ने कहा कि बस के अभाव में वे चार दिनों से स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। यह उनकी तीसरी कोशिश है। छात्र-छात्राओं के हाथों में खुद बनाई तख्तियां लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। उनका कहना है कि जब सांदीपनि स्कूल के लिए बस संचालित की जा सकती है, तो कंपेल के छात्र-छात्राओं के लिए बस सुविधा क्यों नहीं दी जा रही है?

देवगुराड़िया से कंपेल गांव की दूरी करीब 17 किलोमीटर है। रास्ते में सनावदिया, जामनिया और पिवड़ाय सहित कई गांव आते हैं, जहां से विद्यार्थी कंपेल के स्कूल में पढ़ने पहुंचते हैं। स्कूल का समय सुबह 10 बजे से शाम साढ़े चार बजे तक है, लेकिन निजी बसों का समय स्कूल के अनुरूप नहीं है।

सुबह समय पर बस नहीं मिलने के कारण दो कक्षाएं छूट जाती हैं। स्कूल की छुट्टी के बाद भी बस नहीं मिलती, जिससे घर लौटने में परेशानी होती है। निजी बसों में भीड़ इतनी रहती है कि कई बार छात्र-छात्राओं को खड़े होकर यात्रा करने को मजबूर होना पड़ता है।

किराया बन रहा आर्थिक समस्या

छात्र-छात्राओं ने बताया कि अधिकांश परिवार मजदूरी और छोटे व्यवसायों से अपना गुजारा करते हैं। ऐसे में रोज का अतिरिक्त बस किराया परिवारों पर आर्थिक बोझ बन रहा है। सिटी बस का मासिक पास 200 रुपए करने की मांग की गई। उनका कहना है कि फिलहाल 600 रुपए प्रतिमाह लिए जा रहे हैं, जो उनके परिवारों के लिए अधिक है।

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छात्राओं ने कहा कि सुबह नौ बजे से यहां बैठे हैं। देवगुराड़िया से कंपेल तक बस चलाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई। पहले प्रदर्शन के दौरान तीन दिन में समस्या का निराकरण करने का कहा गया था, लेकिन 10 दिन बीत चुके हैं। देवगुराड़िया से कंपेल तक बस नहीं चलने से 70 से 80 प्रतिशत छात्र-छात्राएं प्रभावित हो रहे हैं।

प्रशासन से जल्द बस सेवा शुरू करने और सिटी बस पास की राशि कम करने की मांग की। प्रदर्शन को समर्थन देने के लिए जेन-जी के लिए इंदौर में प्रदर्शन करने वाले अरुण बड़ोले भी पहुंचे।

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