विकास के मामले में हो रही इंदौर की उपेक्षा को लेकर अभ्यास मंडल ने एक परिचर्चा का आयोजन किया। जिसमें पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने कहा है कि इंदौर को कोई उपेक्षित नहीं कर सकता है। यह शहर नागरिकों के दम पर बना है। नर्मदा का पानी हम लड़ाई लड़ कर लाए हैं। इंदौर में सरकार के द्वारा बड़ी विकास योजनाओं को आकार दिया गया है। यह एक ऐसा शहर है जहां की जनता ही शहर की चिंता करती है।
महाजन ने कहा कि यदि इंदौर उपेक्षित होता तो यहां सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल होता क्या? एम वाय अस्पताल के लिए सरकार के द्वारा करोड़ों रुपए के उपकरण दिए जाते हैं क्या? इंदौर का हवाई अड्डा अंतरराष्ट्रीय होता क्या? पीथमपुर के उद्योगों के लिए इंदौर में एयर कार्गो की सेवा शुरू होती क्या? इंदौर के लोग नर्मदा पेयजल योजना का पहला चरण अपनी ताकत से लेकर आए हैं। इंदौर की अपेक्षा कोई नहीं कर सकता है अलबत्ता यह सच है कि इंदौर का सुव्यवस्थित विकास नहीं हो रहा है।
उन्होंने कहा कि पीथमपुर में होने वाले विकास का भार इंदौर उठाता है। अलग-अलग क्षेत्र के विशेषज्ञों की समिति बनाई जाना चाहिए। इस समिति के माध्यम से उसे क्षेत्र में किए जाने वाले कामों को लेकर योजना तैयार की जाना चाहिए। ताई ने कहा कि यदि उज्जैन का विकास भी होता है तो उसमें बुराई क्या है?
पीथमपुर औद्योगिक संगठन के अध्यक्ष गौतम कोठारी ने कहा कि पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र का विकास तो हुआ है लेकिन अपेक्षित विकास नहीं हो सका है। आर्किटेक्ट अतुल सेठ ने कहा कि मास्टर प्लान का निर्माण शहर की जनता की सहभागिता से होना चाहिए। अभी तक पुराने मास्टर प्लान के क्रियान्वयन की स्थिति की रिपोर्ट सामने नहीं आई है। पर्यावरणविद डॉ ओ पी जोशी ने कहा कि इंदौर की हवा, पानी और हरियाली की स्थिति खराब है। रेलवे क्षेत्र के विशेषज्ञ नागेश नामजोशी ने कहा कि हमें इस बात पर विचार करना चाहिए कि हम अपेक्षा की स्थिति से बाहर कैसे आएं। कार्यक्रम के प्रारंभ में विषय का प्रवर्तन शिवाजी मोहिते ने किया। अंत में आभार प्रदर्शन माला सिंह ठाकुर ने माना।
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