मध्य प्रदेश सरकार द्वारा निगम, मंडल, प्राधिकरण और बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्षों, उपाध्यक्षों और सदस्यों के लिए सोमवार को विशेष उन्मुखीकरण और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम सुबह 9 बजे से बजे 2 बजे तक अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्था में शुरू होगा। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। सरकार का उद्देश्य नव नियुक्त पदाधिकारियों को उनके अधिकार, जिम्मेदारियों और विभागीय कार्यप्रणाली की जानकारी देना है, ताकि वे अपने दायित्वों का बेहतर तरीके से निर्वहन कर सकें।
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63 अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य आमंत्रित
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में अब तक नियुक्त किए गए 63 अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों को आमंत्रित किया गया है। कार्यक्रम में 18 विभागों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी शामिल होंगे। अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस), प्रमुख सचिव (पीएस) और सचिव स्तर के अधिकारी अपने-अपने विभागों की योजनाओं, प्राथमिकताओं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की जानकारी देंगे। अधिकारियों द्वारा यह भी समझाया जाएगा कि शासन की योजनाओं को जमीन पर प्रभावी तरीके से कैसे लागू किया जाए और विभागों के बीच समन्वय बनाकर काम कैसे किया जाए।
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कार्यशैली, निर्णय प्रक्रिया पर विस्तार से होगी चर्चा
प्रशिक्षण के दौरान सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) और वित्त विभाग की की ओर से विशेष प्रेजेंटेशन भी दिया जाएगा। इसके बाद विभागवार अलग-अलग सत्र आयोजित होंगे। दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक विशेष उन्मुखीकरण सत्र रखे गए हैं, जिनमें विभागों की कार्यशैली, निर्णय प्रक्रिया और प्रशासनिक व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। सरकार इस कार्यक्रम के जरिए भाजपा के संकल्प पत्र 2023 में किए गए वादों को जमीनी स्तर पर लागू करने की रणनीति पर भी फोकस करेगी। पदाधिकारियों को बताया जाएगा कि निगम-मंडल और प्राधिकरण सरकार की योजनाओं को तेजी से लागू करने में किस तरह महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल पांच विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे।