Protein Intake:क्या वास्तव में शरीर के लिए जरूरी है खूब सारा प्रोटीन? ये रिपोर्ट बदल देगी आपकी सोच – Study Says Eating Less Protein Can Improve Health And Help Some People To Live Longer

Protein Intake:क्या वास्तव में शरीर के लिए जरूरी है खूब सारा प्रोटीन? ये रिपोर्ट बदल देगी आपकी सोच – Study Says Eating Less Protein Can Improve Health And Help Some People To Live Longer

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को आहार में ऐसी चीजों की मात्रा बढ़ाने की सलाह देते हैं, जिससे आपको ज्यादा से ज्यादा पोषक तत्व प्राप्त हो सकें। शरीर को फिट और तंदुरुस्त रखने के लिए प्रोटीन वाली चीजों की मांग दुनियाभर में बढ़ रही है। 

फिटनेस एक्सपर्ट्स से लेकर सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स तक सभी आपको खूब सारा प्रोटीन लेने की सलाह देते दिख जाएंगे। कोई सुबह उठते ही प्रोटीन शेक पीने की सलाह देता तो कोई भोजन में चिकन, अंडे या पनीर शामिल करने को कहता है। असल में इसके पीछे की सोच ये रही है कि ‘जितना ज्यादा प्रोटीन, उतनी बेहतर बॉडी और उतनी लंबी जिंदगी’।

विशेषज्ञों का कहना है कि प्रोटीन वास्तव में शरीर के सबसे महत्वपूर्ण पोषक तत्वों में से एक है। यह केवल मांसपेशियां बनाने के लिए ही नहीं, बल्कि शरीर की हर कोशिका, त्वचा-बाल से लेकर नाखून और इम्यून सिस्टम को ठीक रखने तक में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 

हालांकि अब एक हालिया रिपोर्ट में शोधकर्ताओं ने कुछ ऐसी जानकारियां दी हैं, जो प्रोटीन को लेकर आपकी धारणा बदलने वाली हो सकती है। आइए इस बारे में जान लेते हैं।




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प्रोटीन के सेवन को लेकर बरतें सावधानी
– फोटो : Adobe Stock


जरूरत से ज्यादा प्रोटीन सेहत के लिए ठीक नहीं

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) कहता है स्वस्थ वयस्कों के लिए प्रतिदिन शरीर के प्रति किलोग्राम वजन पर लगभग 0.8 ग्राम प्रोटीन जरूरी माना जाता है।

हालांकि समस्या तब शुरू होती है जब लोग सोशल मीडिया पर देखी गई सलाह को अपनी जरूरत मान लेते हैं। हर व्यक्ति की उम्र, वजन, शारीरिक गतिविधि, बीमारी और जीवनशैली अलग होती है। ऐसे में एक जैसा प्रोटीन सेवन सभी के लिए सही नहीं हो सकता। 

 

  • इसी को लेकर हालिया रिपोर्ट में विशेषज्ञों ने कहा, प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों और सप्लीमेंट्स का बढ़ता चलन अब वैज्ञानिकों की चिंता का विषय बन गया है। 
  • सेल प्रेस ब्लू जर्नल में प्रकाशित 350 से अधिक रिसर्च पेपर की समीक्षा में दावा किया गया है कि जरूरत से अधिक प्रोटीन का सेवन लंबे समय में आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है।
  • जिन लोगों की शारीरिक गतिविधि कम है, अगर वे खूब सारा प्रोटीन ले रहे हैं तो इसके नुकसान और भी ज्यादा हो सकते हैं।


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हाई प्रोटीन डाइट
– फोटो : Amarujala.com/AI


ज्यादा प्रोटीन घटा सकता है आपकी कुल आयु

शोधकर्ताओं ने बताया कि संतुलित मात्रा में प्रोटीन लेने से मेटाबॉलिज्म बेहतर रहता है, कोशिकाओं को क्षति कम पहुंचती है और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया धीमी पड़ सकती है। अध्ययन के अनुसार, शरीर में प्रोटीन का स्तर कम होने पर एफजीएफ-21 नामक हार्मोन का स्राव बढ़ता है। यह कैलोरी बर्न को बढ़ाने, ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने और शरीर की आंतरिक सूजन कम करने में मदद करता है। 

 

  • शोधकर्ताओं ने पाया कि जो जानवर सामान्य मात्रा में प्रोटीन और लो कैलोरी वाली चीजें खाते हैं, वे ज्यादा समय तक जीवित रहते हैं। ऐसी डाइट से उम्र से जुड़ी बीमारियों और कुछ तरह के कैंसर का खतरे को कम करने में मदद करती है।
  • समस्या यह है कि ज्यादातर लोग कम कैलोरी वाली डाइट पर टिके नहीं रह पाते। कम प्रोटीन वाली डाइट से भी वैसे ही फायदे मिलते हैं।

यूनिवर्सिटी ऑफ विस्कॉन्सिन-मेडिसन में प्रोफेसर और अध्ययन के प्रमुख लेखक डडली लैमिंग कहते हैं, यह बिल्कुल साफ है कि एक्टिव लोगों में मांसपेशियों के विकास और एक्सरसाइज के प्रति शरीर की प्रतिक्रिया के लिए प्रोटीन फायदेमंद है। लेकिन क्योंकि ज्यादातर लोगों की शारीरिक गतिविधि कम होती जा रही है, ऐसे में जरूरत से ज्यादा प्रोटीन लेना स्वास्थ्य पर बुरे असर डाल सकता है। इतना ही नहीं ये आपकी उम्र भी घटा सकता है।


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ज्यादा प्रोटीन का सेहत पर असर
– फोटो : Adobe Stock Images


अध्ययन में क्या पता चला?

इंसानों पर किए गए छोटे ट्रायल में भी यही पैटर्न दिखा। जिन लोगों ने प्रोटीन कम किया, उनका वजन और फैट कम हुआ साथ ही ब्लड शुगर में सुधार भी हुआ।

 

  • शोधकर्ताओं ने पाया कि FGF21 हार्मोन इसका एक कारण हो सकता है, प्रोटीन कम होने पर इसका स्तर बढ़ जाता है।
  • यह हार्मोन ऊर्जा की खपत बढ़ाता है, ब्लड शुगर कंट्रोल में सुधार करता है और सूजन कम करता है। 
  • जिन चूहों में ज्यादा FGF21 बनाने वाले बदलाव देखे गए, वे ज्यादा  समय तक जीवित रहे।
  • प्रोफेसर लैमिंग कहते हैं, इस अध्ययन से पता चलता है कि जो लोग ज्यादा शारीरिक गतिविधि नहीं करते उन्हें बहुत ज्यादा प्रोटीन भी नहीं लेना चाहिए, इसका स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता हैं।


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किडनी की समस्याओं का खतरा
– फोटो : Adobe Stock


जरूरत से ज्यादा प्रोटीन लेने के दुष्प्रभाव

पहले के भी कई अध्ययनों में स्पष्ट किया गया है कि लंबे समय तक आवश्यकता से अधिक प्रोटीन लेने से कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं।

 

  • यदि डाइट में फाइबर कम हो जाए तो कब्ज और पाचन संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
  • ज्यादा प्रोटीन से बनने वाले अपशिष्ट पदार्थों को शरीर से बाहर निकालने के लिए आपकी किडनी को ज्यादा पानी की जरूरत होती है। ऐसे में पानी की कमी किडनी पर दबाव बढ़ाने वाली मानी जाती है। 
  • ज्यादा प्रोटीन का मतलब है ज्यादा कैलोरी, जो अगर बर्न न की जाएं तो शरीर में फैट के रूप में जमा हो सकती हैं।

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स्रोत: 

The hallmarks of protein and amino acid restriction in aging and longevity

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।


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