Sakshi Padekar:मां-बाप के त्याग से निशानेबाज बनीं साक्षी, दूसरा विश्वकप खेलने गईं चीन; कैसे बनाई टीम में जगह? – Sakshi Padekar Journey From Struggles To Indian Shooting Team After Parents Sacrifice

Sakshi Padekar:मां-बाप के त्याग से निशानेबाज बनीं साक्षी, दूसरा विश्वकप खेलने गईं चीन; कैसे बनाई टीम में जगह? – Sakshi Padekar Journey From Struggles To Indian Shooting Team After Parents Sacrifice

बचपन के संघर्ष की बात छिड़ते ही निशानेबाज साक्षी पाडेकर तपाक से बोलती हैं, मुझे कोई सहानुभूति नहीं चाहिए। बावजूद इसके मैं अपनी कहानी देश के हर युवा को इसलिए बताना चाहती हूं कि अगर मैं कर सकती हूं तो हर कोई कर सकता है।




सीनियर स्तर पर दूसरा विश्वकप खेलने चीन गईं साक्षी गर्व से बताती हैं कि मैं चौकीदार पिता की बेटी हूं। मैं भारतीय टीम में हूं, पर मेरे पापा आज भी चौकीदारी करते हैं। मां गृहणी हैं, लेकिन वह भी कुछ समय पहले तक सात हजार रुपये प्रतिमाह पर वेल्डिंग का काम करती थीं। इस दौरान उनकी अंगुलियां जख्मी हो गई, जिसके चलते उन्हें नौकरी छोड़नी पड़ी।

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