खतरे में कई परिवार: इंदौर में बिजली की हाईटेंशन लाइनों के आसपास 1031 अवैध निर्माण; खजराना, देवगुराड़िया में सबसे ज्यादा

खतरे में कई परिवार: इंदौर में बिजली की हाईटेंशन लाइनों के आसपास 1031 अवैध निर्माण; खजराना, देवगुराड़िया में सबसे ज्यादा

बिजली कंपनी के कार्य क्षेत्र में हाई टेंशन लाइनों के आसपास व नीचे सुरक्षा कॉरिडोर में अवैध निर्माण को लेकर प्रशासन, नगरीय निकाय व ट्रांसको के बीच टेंश…और पढ़ें

Publish Date: Fri, 03 Jul 2026 10:00:18 AM (IST)Updated Date: Fri, 03 Jul 2026 10:00:18 AM (IST)

खतरे में कई परिवार: इंदौर में बिजली की हाईटेंशन लाइनों के आसपास 1031 अवैध निर्माण; खजराना, देवगुराड़िया में सबसे ज्यादा
हाई टेंशन लाइन के पास बने हैं कई अवैध निर्माण। (एआई इमेज)

HighLights

  1. निर्माण रोकने के लिए ट्रांसको व टीएंडसीपी में समन्वय नहीं, खतरे के करीब जीवन जी रहे कई परिवार
  2. इंदौर में 1031 निर्माण और अन्य जिलों के कार्य क्षेत्र में 903 निर्माणों को चिह्नित किया जा चुका है
  3. इसके बावजूद भी इन्हें हटाने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पा रही है

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्य क्षेत्र में हाई टेंशन लाइनों के आसपास व नीचे सुरक्षा कॉरिडोर में अवैध निर्माण को लेकर प्रशासन, नगरीय निकाय व ट्रांसको के बीच टेंशन बढ़ता जा रहा है। विभिन्न सरकारी विभागों के बीच समन्वय के अभाव के चलते इंदौर में 1031 निर्माण और अन्य जिलों के कार्य क्षेत्र में 903 निर्माणों को चिह्नित किया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद भी इन्हें हटाने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पा रही है।

बिजली वितरण कंपनी का साफ तौर पर कहना है कि वे इन जोखिमपूर्ण निर्माणों को हटाने के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं। लेकिन स्थानीय प्रशासन व नगरीय निकायों से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पा रहा है। उनकी आनाकानी और ढुलमुल रवैये के चलते इन इलाकों में रह रहे कई परिवारों पर लगातार बड़ा खतरा मंडरा रहा है।

आईडीए और नगरीय निकाय नहीं कर रहे हैं मदद

कंपनी के उच्च अफसरों के अनुसार, इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन, इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए), नगरीय निकाय और नगर व ग्राम निवेश विभाग (टीएंडसीपी) से लगातार पत्राचार किया जा रहा है। जमीनी स्तर पर सहयोग नहीं मिलने के कारण सुरक्षा कॉरिडोर से इन अवैध कब्जाधारियों और निर्माणों को हटाने में विभाग को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

नियमों का पालन अनिवार्य हो: ऊर्जा मंत्री इस संबंध में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर का कहना है कि हाई टेंशन लाइनों के सुरक्षा कॉरिडोर को लेकर बेहद स्पष्ट नियम बनाए गए हैं। सभी सरकारी एजेंसियों की यह जिम्मेदारी है कि वे इन नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करवाएं। ट्रांसको इस गंभीर विषय पर कई बार उच्च स्तर पर चर्चा कर चुका है, लेकिन इसके बावजूद धरातल पर अनदेखी का सिलसिला लगातार जारी है।

ग्रीन बेल्ट बनाकर बगीचे की तरह कर रहे उपयोग, सुरक्षा नियम ताक पर

शहर के आसपास वाले बाहरी हिस्सों जैसे राऊ, रंगवासा, सिंहासा और बेटमा की ओर जा रही हाईटेंशन बिजली लाइनों के नीचे धड़ल्ले से नई टाउनशिप का निर्माण हो रहा है। इन टाउनशिप्स में सुरक्षा से जुड़े तय मापदंडों और नियमों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। बिल्डर्स और लोग इन खतरनाक लाइनों के ठीक नीचे की जमीन को ग्रीन बेल्ट बनाकर उसे बगीचे की तरह उपयोग में ला रहे हैं, जो कि सुरक्षा के लिहाज से बेहद खतरनाक स्थिति है।

सूचनाएं चस्पा कर दीं, मुनादी भी करवा रहे

इस संवेदनशील स्थिति को देखते हुए एमपी ट्रांसको द्वारा इन प्रभावित क्षेत्रों में लगातार जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। लोगों को खतरे के प्रति आगाह करने के लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम (लाउडस्पीकर) के माध्यम से मुनादी करवाई जा रही है और प्रभावित जगहों पर चेतावनी सूचनाएं चस्पा की जा रही हैं।

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