‘ख़ान सर’ और ‘रौशन सर’ के बीच कितना पुराना है विवाद, दोनों के स्टूडेंट्स ने क्या कहा

‘ख़ान सर’ और ‘रौशन सर’ के बीच कितना पुराना है विवाद, दोनों के स्टूडेंट्स ने क्या कहा

फै़ज़ल ख़ान और रोशन आनंद

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इमेज कैप्शन, फै़ज़ल ख़ान को अग्रिम ज़मानत मिल गई है, जबकि रौशन आनंद की ज़मानत याचिका ख़ारिज कर दी गई है

पटना सिविल कोर्ट ने मंगलवार को फै़ज़ल ख़ान उर्फ़ ‘ख़ान सर’ की गिरफ़्तारी पर रोक लगा दी है.

ख़ान ग्लोबल स्टडीज के निदेशक फै़ज़ल ख़ान की अग्रिम ज़मानत याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने उन्हें अंतरिम राहत दी है. यानी ख़ान सर की गिरफ़्तारी 20 जून को होने वाली अगली सुनवाई तक नहीं होगी.

वहीं, दूसरी तरफ ज्ञान बिन्दु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद की ज़मानत याचिका ख़ारिज हो गई. बीती 2 जून को ख़ान और रोशन सर के बीच चल रहे इस विवाद ने राष्ट्रीय स्तर पर सुर्ख़ियां बटोरी थीं.

इस घटनाक्रम के बाद दोनों ही कोचिंग संस्थान के स्टूडेंट्स बंट गए हैं और पटना में रौशन आनंद के समर्थन में उनके स्टूडेंट्स कई बार प्रदर्शन कर चुके हैं.

इस पूरी घटना ने बिहार में कोचिंग संस्थान, संस्थानों का कारोबार, नियमावली, बेरोज़गारी, सरकारी नौकरी की ललक और स्टूडेंट्स को ‘भीड़तंत्र’ में तब्दील करते जाने के सवाल को केंद्र में ला दिया है.

क्या है ताज़ा विवाद?

फै़ज़ल ख़ान

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इमेज कैप्शन, फै़ज़ल ख़ान पर आर्म्स एक्ट और हत्या के प्रयास की धाराएं लगाई गई थीं.

घटना बीती 2 जून को तक़रीबन साढ़े 10 बजे की है. जब मुसल्लहपुर हाट स्थित ख़ान ग्लोबल स्टडीज़ पर हमला हुआ, जिसमें कोचिंग सेंटर के गार्ड चुनचुन को चोटें आईं और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा.

ख़ान ग्लोबल स्टडीज़ की तरफ़ से मैनेजर कन्हैया कुमार सिंह ने कदमकुआं थाने में एक एफ़आईआर दर्ज कराई. इस एफ़आईआर में ज्ञान बिन्दु कोचिंग संस्थान के निदेशक रौशन आनंद सहित पांच व्यक्तियों को नामज़द और 15 से 20 अज्ञात को अभियुक्त बनाया गया.

इस घटना के बाद 2 जून की रात को ही मीडिया से बात करते हुए फै़ज़ल ख़ान ने फ़ायरिंग का दावा किया था. हालांकि, पटना पुलिस ने इससे इनकार किया था.

पटना पुलिस ने कन्हैया कुमार सिंह की एफ़आईआर के आधार पर रौशन आनंद सहित तीन लोगों को गिरफ़्तार किया.

इस बीच एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें ख़ान सर के दो बॉडीगार्ड प्रदीप कुमार और तालेबर सिंह फ़ायरिंग करते दिख रहे थे. इस वीडियो के आधार पर कदमकुआं पुलिस ने फै़ज़ल ख़ान और उनके दो बॉडीगार्ड पर एफ़आईआर दर्ज की.

इस एफ़आईआर में फै़ज़ल ख़ान पर आर्म्स एक्ट और हत्या के प्रयास की धाराएं लगाई गई थीं.

‘ख़ान सर’ को राहत, ‘रौशन सर’ रहेंगे जेल में

समर्थक स्टूडेंट

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इमेज कैप्शन, रौशन आनंद के समर्थन में उनके स्टूडेंट्स कई बार प्रदर्शन कर चुके हैं

फै़ज़ल ख़ान की अग्रिम ज़मानत याचिका पर सत्र न्यायाधीश रूपेश देव की अदालत में मंगलवार को सुनवाई हुई थी. कोर्ट में ख़ान सर के वकील अरविंद कुमार का तर्क था कि ख़ान सर के बॉडीगार्ड की ओर से हुई फ़ायरिंग आत्मरक्षा में उठाया गया क़दम था.

साथ ही ख़ान सर के ख़िलाफ़ आरोपों के आधार उनके बॉडीगार्ड के बयान हैं, जो साक्ष्य के तौर पर मान्य नहीं हैं. कोर्ट ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद इस केस की डायरी और ख़ान सर के आपराधिक इतिहास का ब्यौरा पुलिस से मांगा है. अदालत ने ख़ान सर को आदेश दिया कि वो पुलिस की जांच में मदद करेंगे.

वहीं, मंगलवार को ही रौशन आनंद की नियमित ज़मानत याचिका पर न्यायाधीश अनुराग वर्मा की कोर्ट में सुनवाई हुई थी.

रौशन आनंद के वकील राघव कुमार ने कोर्ट में जिरह करते हुए कहा कि रौशन आनंद को दो कोचिंग संस्थान के बीच पेशेवर प्रतिद्वंद्विता की वजह से ग़लत आरोपों में फंसाया जा रहा है. साथ ही रौशन आनंद घटना के वक़्त घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे.

जबकि लोक अभियोजक की तरफ़ से तर्क दिया गया कि ये हमला संगठित तरीके़ से कराया गया था और रौशन आनंद का आपराधिक इतिहास रहा है.

रौशन आनंद की ज़मानत याचिका ख़ारिज करने का आधार उन पर पहले से लंबित छह मामले और ख़ान सर के गार्ड की मेडिकल रिपोर्ट है. इस वक़्त रौशन आनंद पटना के बेऊर जेल में बंद हैं.

स्टूडेंट्स दुविधा में, उनकी पढ़ाई का नुक़सान

रोशन आनंद

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इमेज कैप्शन, रौशन आनंद ज्ञान बिन्दु नाम का कोचिंग संस्थान चलाते हैं

दो जून को हुई इस लड़ाई के बैकग्राउंड में बिहार सरकार की ओर से घोषित सिपाही बहाली का रिज़ल्ट था. मई माह में इसके नतीजे घोषित हुए थे, जिसमें 19,838 परीक्षार्थी सफल हुए थे.

ख़ान ग्लोबल स्टडीज़ और ज्ञान बिन्दु कोचिंग संस्थान, दोनों ने ही सफल स्टूडेंट्स के लिए सम्मान समारोह आयोजित किया था. फै़ज़ल ख़ान ने अपने संस्थान के 12 हज़ार से ज़्यादा और रौशन आनंद ने 10 हज़ार से ज़्यादा स्टूडेंट्स के सफल होने का दावा किया था. इसी क्रेडिट वॉर में ये हमला हुआ और पोस्टर फाड़े गए.

इस मामले में बीबीसी ने मुसल्लहपुर हाट के किसान कोल्ड स्टोरेज में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स से बात की. किसान कोल्ड स्टोरेज के कैंपस में ही रौशन आनंद और फै़ज़ल ख़ान के कोचिंग संस्थान हैं.

फै़ज़ल ख़ान की स्टूडेंट काजल कुमारी ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी से कहा, “हमेशा सच की जीत होती है. ख़ान सर को राहत मिल गई. लेकिन हम ये भी नहीं चाहते कि रौशन सर जेल में रहें. हम चाहते हैं कि दोनों शिक्षक हम लोगों के भविष्य पर ध्यान दें. इस तरह लड़ाई न करें.”

छात्र बजरंगी कहते हैं, “उस घटना के बाद पढ़ाई डिस्टर्ब हो गई है. ग़लती गार्ड की है लेकिन भुगत रहे हैं स्टूडेंट्स और शिक्षक. उस दिन के बाद से हम लोगों की पढ़ाई ठीक से नहीं हो पाई है.”

‘रौशन सर’ बनाम ‘ख़ान सर’ का विवाद पुराना

फै़ज़ल ख़ान और रौशन आनंद दोनों ने मुसल्लहपुर हाट के किसान कोल्ड स्टोरेज कैंपस से ही अपनी कोचिंग की शुरुआत की थी. अपने स्टूडेंड्स के बीच ये ‘ख़ान सर’ और ‘रौशन सर’ के तौर पर लोकप्रिय हैं. ये दोनों ही कोचिंग संस्थान ‘लो फ़ी मॉडल’ यानी स्टूडेंट्स से कम फ़ीस लेकर उन्हें पढ़ाते हैं.

पटना में मुसल्लहपुर हाट का इलाका स्टूडेंट हब है. मुसल्लहपुर हाट में किसान कोल्ड स्टोरेज में कभी 20 से ज़्यादा अलग-अलग कोचिंग संस्थान थे. लेकिन कोविड के बाद यहां ख़ान ग्लोबल स्टडीज़ के सेंटर्स का विस्तार होता गया. आज इस कोल्ड स्टोरेज कैंपस में चारों तरफ ख़ान सर के सेंटर और एक ब्लड डोनेशन का सेंटर भी दिखता है.

इसी कैंपस में ज्ञान बिन्दु की एक लाइब्रेरी और एक स्टडी सेंटर है.

फै़ज़ल ख़ान और रौशन आनंद के कोचिंग संस्थान में क्रेडिट वॉर और कोचिंग कारोबार पर वर्चस्व के लिए विवाद होता रहता है.

प्रदर्शन करते स्टूडेंट्स

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इमेज कैप्शन, फै़ज़ल ख़ान और रौशन आनंद के कोचिंग संस्थान में क्रेडिट वॉर होता रहा है (फ़ोटो: रौशन आनंद की रिहाई के लिए प्रदर्शन करते स्टूडेंट्स)

इसी साल फ़रवरी महीने में फ़ॉरेस्ट रेंज ऑफ़िसर के टॉपर अभिषेक पटेल को लेकर दोनों कोचिंग ने अपना दावा पेश किया था.

रौशन आनंद का दावा था कि ये छात्र उनकी कोचिंग का है, जबकि ख़ान ग्लोबल स्टडीज़ भी उसे अपने स्टूडेंट के तौर पर पेश कर रही है. अपने दावे के पक्ष में उन्होंने कई व्हाट्सऐप चैट भी शेयर किए थे. हालांकि, अभिषेक पटेल ने रौशन आनंद के दावों को ख़ारिज किया था.

इससे पहले साल 2021 में फै़ज़ल ख़ान ने रौशन आनंद और उनके भाई प्रिंस की पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. फै़ज़ल ख़ान का आरोप था कि ये दोनों उनकी कोचिंग में जबरन घुस आए थे. इसी तरह के आरोप साल 2023 में रौशन आनंद ने फै़ज़ल ख़ान पर लगाया था.

उस वक़्त रौशन आनंद ने कहा था, “एक हॉस्टल के स्टूडेंट्स को बुलाकर मेरी कोचिंग पर ख़ान सर ने हमला कराया था.”

कौन हैं फै़ज़ल ख़ान और रौशन आनंद?

फै़ज़ल ख़ान

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इमेज कैप्शन, फै़ज़ल ख़ान मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं, कोविड की पहली लहर के वक़्त में वो सोशल मीडिया के ज़रिए स्टूडेंट्स के बीच पॉपुलर हुए

रौशन आनंद मूल रूप से सहरसा के रहने वाले हैं. वो ज्ञान बिन्दु जीएस अकादमी के निदेशक हैं. सोशल मीडिया पर उपलब्ध एक वीडियो में रौशन आनंद बताते हैं कि उन्होंने बहुत संघर्ष करके ये मुकाम पाया है.

उन्होंने ज्ञान बिन्दु का पहला सेंटर मुसल्लहपुर हाट स्थित किसान कोल्ड स्टोरेज में ही शुरू किया था. इस कोचिंग संस्थान के पटना में तीन सेंटर चलते हैं.

ये कोचिंग संस्थान स्थानीय स्तर पर ‘दरोगा फैक्ट्री’ के तौर पर मशहूर है. अपने स्टूडेंट्स के प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होने पर वो बुलेट बाइक जैसा महंगा गिफ्ट देते हैं.

वहीं फै़ज़ल ख़ान मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं. कोविड की पहली लहर के वक़्त में वो सोशल मीडिया के ज़रिए स्टूडेंट्स के बीच पॉपुलर हुए. देसी अंदाज़ में पढ़ाने की वजह से ‘ख़ान सर’ स्टूडेंट्स में लोकप्रिय हैं. कुछ टिप्पणियों की वजह से उनकी कई बार आलोचना भी हुई है. हाल ही में एक महिला पत्रकार के साथ उनका विवाद भी सुर्खियों में रहा.

फै़ज़ल ख़ान की कोचिंग ‘ख़ान ग्लोबल स्टडीज़’ की वेबसाइट के मुताबिक़, इस कोचिंग के ऑफ़लाइन सेंटर पटना, दिल्ली, देहरादून और प्रयागराज में हैं. ख़ान ग्लोबल स्टडीज़ में रेलवे, मेडिकल, इंजीनियरिंग, बीपीएससी, यूपीएससी से लेकर बिहार पुलिस की तैयारी करवाई जाती है.

बिहार में कोचिंग का कारोबार

कोचिंग संस्थान
इमेज कैप्शन, पटना में मुसल्लहपुर हाट का इलाका स्टूडेंट हब है, यहां किसान कोल्ड स्टोरेज में कभी 20 से ज़्यादा अलग-अलग कोचिंग संस्थान थे

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है, “साल 2023 में शिक्षा विभाग की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ बिहार में 12 हज़ार से ज़्यादा कोचिंग संस्थान हैं जिनमें 10 लाख से ज़्यादा स्टूडेंट्स पढ़ते हैं.”

रिपोर्ट्स में दावा है कि बिहार में कोचिंग का कारोबार सालाना 15,000 करोड़ रुपये का है. इस घटना के बाद बिहार सरकार कोचिंग संस्थानों को रेग्यूलेट करने के लिए नियमावली बनाने की तैयारी में है.

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा है, “कोचिंग संस्थान अपनी लड़ाई में स्टूडेंट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं. हम लोग एक कड़ी नियमावली बनाने जा रहे हैं जिसके तहत ही कोचिंग सेंटर संचालित होंगे.”

साल 2010 में भी मुसल्लहपुर हाट में कोचिंग को लेकर विवाद खड़ा हुआ था. उसके बाद राज्य सरकार ने बिहार कोचिंग इंस्टीट्यूट (कंट्रोल एंड रेग्यूलेशन) एक्ट लागू किया था.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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