भागलपुर में मिला कोरोना संक्रमित मरीज:10 दिनों से फीवर, टेस्ट कराने पर निकला कोविड; आंध्र में भी मिला था केस

भागलपुर में मिला कोरोना संक्रमित मरीज:10 दिनों से फीवर, टेस्ट कराने पर निकला कोविड; आंध्र में भी मिला था केस

भागलपुर में मिला कोरोना संक्रमित मरीज:10 दिनों से फीवर, टेस्ट कराने पर निकला कोविड; आंध्र में भी मिला था केस


भागलपुर में कोविड-19 से संक्रमित एक मरीज मिला है। पिछले 10 दिनों से बुखार से पीड़ित 65 साल के बुजुर्ग की RT-PCR जांच में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। संक्रमित मरीज मूल रूप से बांका जिले का रहने वाला है। अभी भागलपुर के लालूचक इलाके में रहता है। परिजनों के अनुसार, बुजुर्ग पिछले 10 दिनों से सर्दी, खांसी और तेज बुखार से पीड़ित थे। उनका तापमान 104 डिग्री तक बना हुआ था और दवा लेने के बावजूद बुखार नहीं उतर रहा था। इसके बाद उन्हें एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां RT-PCR जांच कराने पर उनकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। इसके बाद डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें जवाहरलाल नेहरू अस्पताल (JLNMCH) रेफर कर दिया। फिलहाल मरीज को अस्पताल के डी-ब्लॉक स्थित ICU में कोविड प्रोटोकॉल के तहत भर्ती कराया गया है। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, मरीज की स्थिति स्थिर है। उन्हें फिलहाल ऑक्सीजन या वेंटिलेटर सपोर्ट की आवश्यकता नहीं पड़ी है। बेटी बोली- तबीयत लगातार बिगड़ रही थी, जिसके बाद RT-PCR टेस्ट कराया गया मरीज की बेटी ने बताया, “मेरे पिता को पिछले कई दिनों से सर्दी, खांसी और तेज बुखार था। उन्हें इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। भर्ती होने के चार-पांच दिन बाद भी उनकी तबीयत में कोई सुधार नहीं हुआ, जिसके बाद RT-PCR जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई।” उन्होंने बताया कि कोरोना पॉजिटिव आने के बाद निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (JLNMCH) रेफर कर दिया। यहां उन्हें आईसीयू में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। दुबारा कराया जाएगा RT-PCR टेस्ट जवाहर लाल नेहरू अस्पताल के मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. राजकमल चौधरी ने बताया कि निजी अस्पताल से एक कोरोना संक्रमित मरीज को रेफर कर भर्ती कराया गया है। फिलहाल उसे आईसीयू में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में मरीज का दोबारा RT-PCR टेस्ट कराया जाएगा। फिलहाल मरीज को ऑक्सीजन या वेंटिलेटर सपोर्ट की आवश्यकता नहीं है। डॉ. चौधरी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि घबराने या दहशत फैलाने की जरूरत नहीं है। कोरोना संक्रमण के कुछ मामले समय-समय पर सामने आ सकते हैं। ऐसे में लोगों को घबराने के बजाय सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की जरूरत है। 10 दिन पहले आंध्र प्रदेश में कोविड मरीज की हुई थी मौत आंध्र प्रदेश के कडप्पा में 10 दिन पहले 46 साल के व्यक्ति की कोविड-19 से मौत हो गई। उसे पिछले महीने वेल्लोर के CMC अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसका कोविड टेस्ट पॉजिटिव आया था। 4 दिन इलाज के बाद उसने दम तोड़ दिया। हेल्थ ऑफिसर ने बताया था कि मरीज के फेफड़े खराब हो गए थे। मरीज को कंटेनमेंट जोन में रखा गया था। उसके संपर्क में आए लोगों की ट्रेसिंग भी की जा रही है। इलाके में सैनिटाइजेशन भी शुरू कर दिया गया है। भारत में कोरोना से 47 लाख मौतों का अनुमान भारत में कोविड से आधिकारिक तौर पर 2022 के अंत तक करीब 5.3 लाख मौतें दर्ज की गईं थीं। हालांकि, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अनुमान लगाया कि महामारी से भारत में लगभग 47 लाख मौतें हुईं। वहीं दुनियाभर में 2022 के अंत तक करीब 66–67 लाख आधिकारिक मौतें दर्ज की गई थीं।

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